Breaking News

मंदिर आंदोलन के कार्य सेवकों के लिए अलग से होगा आयोजन / dainikmail24.com

संवाददाता कुंवर अजय


अयोध्या, 30 जुलाई 2020/ 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर भूमि पूजन आयोजन में सीमित संख्या में लोगों को आमंत्रित किया गया है! कोविड-19 महामारी के मद्देनजर ऐसा निर्णय लिया गया है! मंदिर निर्माण कि दिशा में तेजी लाने के लिए भूमि पूजन किया जाना आवश्यक था, जो "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट" द्वारा कराया जा रहा है, जिस में शामिल होने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या 05 अगस्त को आ रहे हैं !राम भक्तों का जनसैलाब अयोध्या की तरफ कुच ना करें, इसकी अपील करते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम हिंदू जनमानस के आराध्य देव है और उनके इस भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के साक्षी बनने हेतु  अथाह प्रेम हिंदुओं में है,परंतु महामारी के चलते अपील करता हूं कि वह इस भूमि पूजन के साक्षी दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण के द्वारा बने और हर्षोल्लास अपने घर पर ही मनाएं ,जैसे ही  महामारी का दौर समाप्त होगा और स्थिति सामान्य होगी वे मंदिर निर्माण की गतिविधियों का साक्षात अवलोकन कर सकेंगे!
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी 200 गणमान्य व्यक्तियों को ही इस आयोजन में बुलाया जा रहा है, जिनके बैठने की व्यवस्था 50- 50 के समूह में की गई है!जिससे महामारी का खतरा कम से कम रहे, सूत्रों के अनुसार आयोजन में शहीद कारसेवकों  के परिजनों एवं मंदिर आंदोलन से जुड़े तमाम छोटे-बड़े साधु संत-महंत,नेताओं को इस आयोजन का आमंत्रण नहीं दिया गया है! जिसको लेकर उन्हें कष्ट है, इसी को ध्यान में रखते हुए "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ  ट्रस्ट" भू पूजन के उपरांत मंदिर निर्माण की गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा,वही महामारी के दौर समाप्त होने पर श्री राम जन्म भूम निर्माण यज्ञ  जैसे नाम से एक  भव्य आयोजन अयोध्या की धरती पर  करने का मन बना रहा है, जिसमें सभी मंदिर समर्थक साधु संत- महंत, छोटे- बड़े  नेता, शहीद  कारसेवकों के  परिजनों एवं  सभी राम भक्तों को बुलाकर  उनके दुख को कम किया जा सके और उनके संघर्ष व बलिदान का सम्मान किया जा सके!



No comments