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कोरोना की जांच करने गए कर्मचारियों को देख युवती फरार / dainikmail24.com

 



रिपोर्टर- आनंद निषाद रायबरेली

डलमऊ कोतवाली कस्बे के एक मोहल्ले में कोरोना की जांच एएनएम और बीएलओ के माध्यम से कराई जा रही थी। बुधवार को कर्मचारियों ने जैसे ही एक युवती का थर्मल स्क्रीनिंग करने लगे वैसे ही थर्मल स्क्रीनिंग में रेड लाइट जलने लगी । थर्मल स्क्रीनिंग लाइट जलता कर्मचारी परेशान हो गए उसके बाद पुनः उसी युवती की जांच पड़ताल की दोबारा जांच पड़ताल में भी थर्मल स्क्रीनिंग रेड लाइट जल गई। कर्मचारियों ने इस मामले की सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को दी। परंतु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते मौके पर घंटो तक कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जब युवती के घर पहुंचे तो उसके घर में ताला लगा हुआ था। कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से एक कोरोनावयरस से संक्रमित संदिग्ध युवती परिवार समेत घर से फरार है। आसपास के लोगों से जब फरार परिवार के विषय में पूछताछ की गई तो लोग कुछ भी बताने में असमर्थ है। फिर हाल अगर स्वास्थ विभाग के अधिकारी इस मामले में तेजी लाए होते तो आज युवती फरार ना होती ऐसे कई कारनामे स्वास्थ्य विभाग के हैं जिनकी लापरवाही की वजह से लोग महामारी बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।इस संबंध में सीएससी प्रभारी विनोद कुमार सिंह चौहान ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग में रेड लाइट जलने का मतलब कोरोना पॉजिटिव नहीं होता हो सकता है उसे बुखार हो डर के मारे घर से कहीं चली गई हो अगर परिवार की सदस्य जांच कराने आएंगे तो जांच अवश्य होगी।




डलमऊ रायबरेली स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कराया गया 88 लोगों की आरटीपीसी आर की जांच
 बुधवार को कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए भरसाना गांव में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आरटी पीसीआर की जांच कराई गई जांच 88 लोगों की कराई गईअभिषेक चौधरी, निर्भय श्रीवास्तव, अजय, सुनील, महेश सावित्री आशा संगिनी, कंचन आशा, कुषमा आशा, मिथलेश आशा   आदि लोग मौजूद रहे

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