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यूरिया खाद की कालाबाजारी किसानों पर सबसे बडी चोट: प्रमोद तिवारी Daink Mail 24

  *यूरिया खाद की कालाबाजारी किसानों पर सबसे बडी चोट: प्रमोद तिवारी* Daink Mail 24

Report- Daink Mail 24 (team Pratapgarh)


प्रतापगढ़। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने प्रदेश मे यूरिया खाद की कालाबाजारी को किसानो के लिए खरीफ की फसल के लिए सबसे बडी चोट करार दिया है। वहीं श्री तिवारी ने मध्य प्रदेश मे वहां के मुख्यमंत्री की इस घोषणा को भी पूरी तरह असंवैधानिक ठहराया है कि मध्यप्रदेश राज्य मे केवल उसी प्रदेश के नौजवानो को ही नौकरियां मिलंेगी। बुधवार को यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदेश मे इस समय यूरिया खाद की भयंकर कालाबाजारी हो रही है। जबकि बकौल प्रमोद तिवारी खरीफ की फसल के लिए किसानो को यूरिया खाद की सर्वाधिक आवश्यकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद ने यह भी चिंता जताई कि साधन सहकारी समितियो मे किसानो की लंबी लंबी लाइने है किंतु यूरिया खाद नदारद है। श्री तिवारी ने खाद के कृत्रिम संकट को उत्पन्न करने के लिए जबाबदेही मांगते हुए इस बात पर आश्चर्य जताया कि समितियो मे तो यूरिया गायब है किंतु बाजार मे बढ़ी हुई कीमत पर यह खुलेआम बेची जा रही है। उन्होने कहा कि प्रशासनिक अनियंत्रण का इससे बडा दुखद पहलू क्या हो सकता है कि समितियो मे किसान दो दो बोरी यूरिया नही ले पा रहा है जबकि बाजारो मे ब्लैक मे ट्रक भर यूरिया खाद बिकने को उपलब्ध है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के भी यूरिया संकट पर जताई गई चिंता का समर्थन करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री से समितियो तथा सरकारी विक्रय केन्द्रो पर उचित दाम पर किसानो को पर्याप्त मात्रा मे यूरिया उपलब्ध कराये जाने के लिए कडे प्रबन्ध सुनिश्चित कराने को कहा है। मध्यप्रदेश मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा राज्य मे केवल मध्यप्रदेश के ही नौजवानो को नौकरियां दिये जाने के ऐलान को भी प्रमोद तिवारी ने एक मुख्यमंत्री का देश के संविधान के विपरीत नजरिया ठहराया है। श्री तिवारी ने कहा कि संविधान मे स्पष्ट है कि शिक्षा तथा नौकरी प्राप्त करने का देश के हर नौजवान को अपनी योग्यता के आधार पर देश के हर कोने मे है। श्री तिवारी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर कडा सियासी तंज कसते हुए कहा कि उनका बयान ऐसे समय मे आया है जब एमपी मे दो दर्जन से अधिक सीटों पर उपचुनाव मे उन्हें भाजपा के पराजय का संकेत मिल रहा है। ऐसे मे वह अब हताशा तथा निराशा मे देश के संविधान के विपरीत बोलने लगे है। श्री तिवारी ने आरोप लगाया है कि विधायक की खरीद फरोख्त करके मुख्यमंत्री बनने वाले शिवराज सिंह चौहान का यह बयान चौहान के ही मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल मे हुए व्यापम घोटाले की याद दिलाता है जिसमे बावन से अधिक लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होनें चौहान के बयान को राजठाकरे की भाषा करार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी से भी देश के सामने स्पष्ट करने को कहा है कि क्या मध्यप्रदेश मे भारत का संविधान प्रभावी है या फिर वहां शिवराज सिंह चौहान का केाई अलग से संविधान लागू है। श्री तिवारी ने पीएम से इस मसले पर यह भी कटाक्ष किया कि वह यह भी बताएं कि उनके मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब क्या मध्यप्रदेश भारत का पूर्ववत हिस्सा है या नहीं। देश मे रोजगार के मसले पर भी केंद्र सरकार की घेराबंदी करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि नये आंकडे अब यहां तक स्पष्ट है कि देश मे इसी चालू वर्ष मे एक करोड नवासी लाख नौकरियां छिनी है। वहीं कांग्रेस नेता ने नियमित वेतन वाली नौकरियों मे भी लगभग बाइस फीसदी कमी को ही प्रधानमंत्री के प्रतिवर्ष रोजगार के क्षेत्र मे दो करोड नौकरियां देने के वायदे को भी विफल और हास्यास्पद ठहराया। उन्होने कहा कि देश की नौकरियांे पर लगातार ग्रहण लगना नौजवानो के साथ धोखा है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी यहां बयान मे पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने के निर्णय को भी स्वागत योग्य ठहराया है। चर्चित सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण मे सीबीआई जांच को प्रमोद तिवारी ने उस स्थिति मे कि जब इस प्रकरण मे एक से अधिक प्रदेश प्रभावित है तो प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होनंे कहा कि राजपूत प्रकरण मे सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आ सकने के साथ पीडित पक्ष को भी न्याय पर विश्वास हो सकेगा।

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