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Rrpg College के संस्थापक राजर्षि रणंजय सिंह जी की 33 वीं पुण्यतिथि पर वैदिक यज्ञ तथा विचारगोष्ठी का आयोजन

*Rrpg College के संस्थापक राजर्षि रणंजय सिंह जी की 33 वीं पुण्यतिथि पर वैदिक यज्ञ तथा विचारगोष्ठी का आयोजन*

रिपोर्टर- अभिजित त्रिपाठी


अमेठी। कस्बे में स्थित अमेठी के सबसे प्राचीन महाविद्यालय रणवीर रणञ्जय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्थान के संस्थापक राजर्षि रणञ्जय सिंह जी की तैतीसवीं पुण्यतिथि के अवसर वैदिक यज्ञ तथा विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया।
अमेठी को शिक्षा के क्षेत्र में समृद्ध करने के लिए आजीवन प्रयत्नशील रहने वाले राजर्षि की उपाधि से विभूषित स्वर्गीय महाराज रणंजय सिंह जी की तैतीसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके द्वारा स्थापित रणवीर रणञ्जय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वैदिक यज्ञ सम्पन्न हुआ। संस्कृत विभागाध्यक्ष डा अक्षयवरनाथ तिवारी ने पुरोहित के रूप में वैदिक विधि-विधान से पूजन तथा हवन कार्य सम्पन्न करवाया। राजर्षि के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डा त्रिवेणी सिंह ने कहा कि राजर्षि के जीवन के तीन प्रमुख उद्देश्य थे- वैदिक धर्म प्रचार, शिक्षा प्रसार तथा समाज सुधार। वो समाज से समस्त कुरीतियों को समाप्त करके सभी को शिक्षित बनाने के लिए कृतसंकल्प थे। शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदानों की वजह से ही अमेठी को लहुरी काशी कहा जाता है। वो शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति भी काफी सचेत थे तथा खेलों में रुचि रखते थे। आज उनके सुयोग्य पुत्र डा संजय सिंह के द्वारा उनके स्वप्नों को पूरा किया जा रहा है।

विचार गोष्ठी में डा रामसुंदर यादव, डा राधेश्याम तिवारी, डा धनंजय सिंह, डा मानवेन्द्र सिंह, डा संतोष सिंह आदि अनेक शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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