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उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र का ‘हिन्दोत्सव’’2020 का धमाकेदार आयोजन Dainik Mail 24

 Report - हरिशंकर शर्मा



प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज द्वारा हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर 19 सितम्बर को सायं 7 बजे से ‘‘हिन्दोत्सव 2020 का आयोजन ऑनलाइन के माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम में मुम्बई से चिन्मयी त्रिपाठी व जोएल मुखर्जी को संगीतमय हिन्दी कविताओं के पाठ के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में केन्द्र के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर द्वारा कार्यक्रम से जुड़े सभी श्रोताओं के साथ ही चिन्मयी त्रिपाठी व जोएल मुखर्जी का शब्द सुमनों से स्वागत किया गया तथा हिन्दी साहित्य एवं हिन्दी राजभाषा पर प्रकाश डालते हुए उसकी महत्ता पर अपने विचारों को व्यक्त किया।



कार्यक्रम की शुरूआत में चिन्मयी त्रिपाठी ने अपनी मधुर आवाज में रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की क्रांतिकारी कविता ‘कलम आज उनकी जय हो’ का सःस्वर पाठ किया उसके पश्चात पं० सूर्य कांत त्रिपाठी ‘निराला’ की बहुचर्चित कविता ‘‘बांधो न नाव इस घाट बंधु’’ को सुनाकर गंगा जमुनी तहजीब को सार्थक किया। अपने कविता गायन के अगले पड़ाव में पुनः दिनकर की ‘रश्मि रथी’ खण्ड काव्य के तीसरे अध्याय में वर्णित कर्ण के चरित्र का बखूबी वर्णन किया ‘‘वो दयापूर्ण अज्ञातवास’’। उसके पश्चात महादेवी वर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनकी सुपरिचित कविता ‘‘जा रे तुझको दूर जाना है‘‘ को सुनाकर हिन्दी साहित्य के छायावाद को परिभाषित किया, तत्पश्चात पद्मश्री अशोक चक्रधर द्वारा रचित लोकगीत ‘‘म्हारे हिबड़ा में उठे रे हिलोर’’ की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही चिन्मयी त्रिपाठी द्वारा हरिवंश राय बच्चन द्वारा लोक कथा पर आधारित कविता ‘‘पगला मल्लाह’’ और शिव मंगल सिंह सुमन द्वारा रचित ‘पतवार-तूफानों की ओर घुमा दो, नाविक निज पतवार’ की मनोहारी प्रस्तुति दी, साथ ही हिन्दी भक्तिरस धारा के अंतर्गत मीराबाई और कबीर के भजनों को भी अपनी मधुर गायिकी से प्रस्तुत किया तथा अपनी स्वरचित रचना ‘‘चकरघिन्नी’’ की भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में केन्द्र के कार्यक्रम अधिशाषी मधुकांक मिश्र द्वारा पं० सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचना वह तोड़ती पत्थर, इलाहाबाद के पथ पर’’ को याद करते हुये सभी श्रोताओं के साथ ही आमंत्रित कलाकारों का केन्द्र परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया गया।




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