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जन्म विवाह तथा मृत्यु विधि द्वारा निश्चित - चन्द्रमौलि शुक्ल Dainik Mail 24

 



प्रतापगढ़। वरिष्ठ अधिवक्ता पं.राममूर्ति त्रिपाठी की28 सितंबर 2020 दिन सोमवार को कोरोना बीमारी के चलते इलाज के दौरान पीजीआई अस्पताल लखनऊ में मृत्यु का समाचार उनकी जन्म स्थली कटराछत्रधारी में मिलते ही  पूरा परिवार  शोक में डूब गया। बुधवार को कटरा छात्रधारी गांव में पंडित शिव सेवक त्रिपाठी के आवास पर पूर्व प्रधानाचार्य चंद्रमौलि शुक्ल की  अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित राम सेवक त्रिपाठी जो कि स्वर्गीय राममूर्ति त्रिपाठी के मौसेरे भाई है ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह राममूर्ति रहे तो मैं रामसेवक। मैं हमेशा उनका सेवा भावी रूप में छोटे भाई की तरह सम्मान देता रहा तथा वह भी बड़े भाई होने का एहसास हमको बराबर दिलाते रहे।   शिक्षा से लेकर  राजनीति के क्षेत्र में भी उन का वरद हस्त सदैव मुझ पर बना रहा। यह उद्गार व्यक्त करते हुए भावुक हो उठे तथा अपने आंसुओं को नहीं रोक सके। अश्रुपूरित नेत्रों से उन्होंने कहा कि एक सिद्धांतों को समर्पित महत  पुरुष अपनी जागतिक जिम्मेदारियों का सार्थक, सतत तथा निअवरोध निर्वहन करके अपनी यात्रा पूरी कर गए, पीछे छूटे लोगों को श्रेष्ठ पाथेय छोड़ गए। शोक सभा को संबोधित करते हुए  अनंतराम त्रिपाठी ने  कहां की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुरोधा के रूप में जिले मैं अपनी छाप छोड़ गये। शोक सभा की अध्यक्षता कर रहे चंद्रमौलि  शुक्ल ने कहा कि जन्म विवाह तथा मृत्यु विधि द्वारा निश्चित है। शोक सभा में मुख्य रूप से राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, डॉ सच्चिदानंद त्रिपाठी, एडीजीसी पास्को अधिवक्ता अशोक त्रिपाठी, हरिकेश त्रिपाठी, सुरेश त्रिपाठी, विपिन त्रिपाठी, सौरभ मिश्र सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।







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