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संस्कारों से सुव्यवस्थित है हिंदी Dainik Mail 24

 Report - हरिशंकर शर्मा



प्रयागराज। हिंदी भाषा के लिए निरंतर प्रयत्नशील एस. पी .मेमोरियल एजुकेशनल सोसायटी प्रयागराज के तत्वावधान में ” संस्कारों से सुव्यवस्थित है राजभाषा” के संदर्भ में वर्चुअल शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का अध्यक्षीय भाषण में माधव ज्ञान केंद्र के प्राचार्य प्रदीप त्रिपाठी द्वारा मातृभाषा को बालक और मां की संवेदनाओं की भाषा बताकर भाषा के प्रति सम्मान बनाएं रखने की बात कही।कार्यक्रम का शुभारंभ डाक्टर प्रिया पांडेय द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया कार्यक्रम के आयोजक मंडल के प्रमुख सदस्य त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी द्वारा हिंदी भाषा के उत्थान के लिए सबका आवाहन किया।इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जयपुर से विजय लक्ष्मी जांगिड़ ने राजभाषा से संबंधित अमूल्य सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय की अस्सिटेंट प्रोफेसर डाक्टर मोहिनी पांडेय ने बच्चों के भाषायी कौशल में परिवार की भूमिका को स्पष्ट किया इसके साथ ही साथ ही अतिथि वक्ता के रूप में कालीकिंकर मिश्र जी टैगोर पब्लिक स्कूल ,डाक्टर रश्मिप्रियंवदा जगत तरण गोल्डेन जुबली स्कूल तथा न्याय नगर पब्लिक स्कूल से श्र शक्ति सक्सेना ने अपने अपने उद्बोधन में एक स्वर से राजभाषा हिंदी के अतुल्य वैभव की बानगी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन शक्ति सक्सेना के गीत” मात्रभाषा ही नहीं मैं मातृभाषा हूं” से हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रखर वक्ता एस एम सी घूरपुर हिंदी विभागाध्यक्ष अनुराग पांडेय द्वारा सभी वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया । हिंदी उत्थान के क्षेत्र में संस्था का यह प्रयास अति हिंदी शिक्षकों के लिए अत्यंत सराहनीय रहा।




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