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अनसुलझी है सिपाही आत्महत्या की गुत्थी, कई बिंदुओं पर जांच मे जुटे सीओ Dainik Mail 24

 रिपोर्टर- अरबिंद दुबे



प्रतापगढ़। लालगंज कोतवाली की बैरिक मे सिपाही के द्वारा गोली मारकर आत्महत्याा की गुत्थी रविवार को तीसरे दिन भी सुलझती नही दिखी है। सिपाही आशुतोष यादव द्वारा एके 47 से खुद की गोली मारकर आत्महत्या के मामले की जांच एसपी ने सीओ को सौंपी है। पुलिस सूत्रो के मुताबिक फोरेंसिक टीम और पीएम रिर्पोट भी मृतक की मौत का कारण आत्महत्या की ओर संकेत कर रही है। वहीं जांच अधिकारी एवं सीओ जगमोहन भी प्रथम दृष्टया सिपाही की मौत को आत्महत्या की घटना मान रहे है। हालांकि सीओ का कहना है कि कई पहलुओ पर घटना की वह बारीकी से जांच कर रहे है। अभी मृतक सिपाही की कॉल डिटेल सामने नही आ सकी है। ऐसी स्थिति मे जांच कर यह भी बिंदु अनिश्चित है कि अवकाश से आने के बाद चार दिनो के भीतर मृतक सिपाही की अपने किन करीबियो से बातचीत हुई होगी। वहीं मृतक सिपाही ने घटना के दिन भी अगली छब्बीस तारीख से अवकाश का प्रार्थना पत्र लिखा था। फोरेंसिक टीम की मौजूदगी मे वह पत्र तथा आरक्षी के बैरिक मे मौजूद सामानो को पुलिस ने सील कर रखा है। विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी मे जांच के तहत पत्र और आरक्षी के सील सामानो को खुलवाया जाएगा। कोतवाली मे भी सिपाही की आत्महत्या को लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नही है। विभाग के लोग भी उसके तनाव के कारणो पर असमंजस मे देखे जा रहे है। जांच का यह भी पहलू महत्वपूर्ण होगा कि क्या मृतक आरक्षी किसी घरेलू तनाव से मानसिक अवसाद मे था या फिर कोतवाली मे ही तैनाती के दौरान किन्ही कारणो से वह मानसिक तनाव से गुजरने लगा था। कोतवाली पुलिस के सामने जांच मे एक बडा संकट यह दिख रहा है कि घटना घटित होने के बाद बैरिक तक आरक्षी के कई घंटो एके 47 के साथ मौजूदगी का वह क्या तर्क प्रस्तुत करें । व्यवहारिक तौर पर भले ही पुलिसकर्मी सरकारी हथियार अपने पास रखा करते है किंतु इस प्रकार की घटना के बाद सरकारी हथियार को रखा जाना प्रायः जिम्मेदारो पर गले की फांस बन जाया करता है। संभावना है कि जांच मे सिपाही के घरेलू रहन सहन को लेकर भी अफसर थोडा माहौल शांत होने पर उसके पैतृक गांव गाजीपुर मे भी पडताल कर सकते है। हालांकि परिवार के सदस्य भी पीएम के दिन मृत सिपाही के तनाव के किसी कारण को बता नही सके। यह बात जरूर है कि परिजनो के मुताबिक मृतक की शादी की भी इस समय घर पर रायशुमारी चल रही थी। ऐसे मे घटना को लेकर पुलिसिया जांच कई बिंदुओ पर अभी भटकाव मे ही देखी जा रही है। जो भी हो सिपाही आशुतोष की पहली ही पोस्टिंग मे आत्महत्या की घटना खुद विभाग के लिए जांच के ठोस नतीजे पर पहुंचने की एक बड़ी चुनौती आंकी जा रही है।







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