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Pratapgarh भारत और जर्मनी की वर्चुअल मीटिंग में अनिल कुमार निलय ने किया प्रतिभाग Dainik Mail 24



प्रतापगढ़ ।भारत और जर्मनी के संयुक्त तत्वावधान में एक वर्चुअल मीट का आयोजन किया गया।इसकी थीम थी- द टेल आफ टू रिवर्स- गंगा एंड राइन।इस वर्चुअल मीटिंग में जर्मनी की ओर से मार्टिना बुकार्ड और उनकी टीम जुडी।जिन्होंने जर्मनी का पिता कही जाने वाली राइन नदी की कहानी राइन नदी के किनारे पहुँचकर साझा की।गौरतलब है कि राइन 1958 के दौरान अत्यधिक गंदी हो गई जिसकी स्वच्छता के मद्देनजर अनेक अभियान चलाये गये और वर्तमान में राइन एक बेहद स्वच्छ नदी है।राइन नदी के इस स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की यात्रा में मार्टिना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मार्टिना भारत में गंगा नदी को बचाने के भारत और जर्मनी के संयुक्त अभियान गंगा बॉक्स का अहम हिस्सा हैं।भारत की गंगा नदी के स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की पृष्ठभूमि गंगा बॉक्स के अन्तर्गत तैयार की जा रही है।


जल शक्ति मंत्रालय,भारत सरकार एवं गंगा बॉक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्चुअल मीटिंग में भारत की ओर प्रतिभाग करने वालों में चित्रकूट में जन्मे और वर्तमान में राजकीय उ.मा.वि. सराय आनादेव प्रतापगढ़ में कार्यरत शिक्षक अनिल कुमार निलय भी शामिल रहे।ध्यातव्य है कि अनिल कुमार गंगा बॉक्स के मास्टर फैसलिटेटर के रूप में भी चयनित किये गये हैं।अनिल कुमार द्वारा चलाये गये गंगा जन जागरूकता अभियान एवं विद्यालय के विद्यार्थियों में गंगा स्वच्छता के प्रति सहज जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से समय-समय पर पेन्टिंग,पोस्टर,स्लोगन,निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यालय में अनिल कुमार ने गंगा कार्नर भी स्थापित किया है। लाॅकडाउन के दौरान गंगा बॉक्स के अभियान गंगा क्वेस्ट 2020 में अनिल कुमार ने अपने एवं अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतिभाग हेतु प्रेरित किया।विद्यालय के 15 विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता के तीनों चरणों में सफलता प्राप्त कर प्रमाणपत्र प्राप्त किये। नन्ही पहल नाम से आनलाइन कक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं का संचालन करते हुए अनिल कुमार ने गंगा-भारत की अद्वितीय विरासत पोस्टर,पेंटिंग एवं स्लोगन आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की।प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र प्रदान किये।अनिल कुमार निलय द्वारा लिखित बाल कहानी गंगा माँ के अपराधी अमेरिकी अखबार में प्रकाशित हो चुकी है,जिसमें बच्चों को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश निहित है।

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