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अनवरत 20 सालों से चल रही रामलीला का 21वें साल हुआ शुभारम्भ Dainik Mail 24



प्रतापगढ़ । अवध रामलीला समीति चमरुपुर शुक्लान कि रामलीला अनवरत 20 साल से चलती आ रही है जिसका शुभारम्भ 21वे साल में भी हुआ रामलीला के प्रथम दिवस कि शुरूआत परंपरा अनुसार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वामी नाथ शुक्ला जी के  प्रतिनिधि भाजपा मण्डल अध्यक्ष जय भगवान पान्डेय ने भगवान शंकर व माता पार्वती जी की आरती की उसके पश्चात समिति के संरक्षक स्व. विनोद कुमार ओझा के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर रामलीला कि शुरुआत की ।रामलीला के प्रथम दिवस मे शिव - पार्वती संवाद, नारद द्वारा समाधि लगाना इंद्र दरबार इंद्र का घबराना, अप्सराओं द्वारा तप खंडित करना, कामदेव द्वारा नारद कि तपस्या भंग करना, क्षमा मांगना, शिवलोक पर नारद का आगमन -  प्रस्थान ,शिव गणों को भेजना, ब्रम्ह्ललोक पर नारद का आगमन प्रस्थान, विष्णु लोक पर नारद का आगमन - प्रस्थान ,योग माया द्वारा राज्य निर्माण, नारद द्वारा मृत्युलोक भ्रमण, पुरवासियों द्वारा शीलनिधि के महल जाना, शीलनिधि दरबार पर नारद जी व पुरवासियों का आना, नारद जी द्वारा स्वयंबर की सलाह देना, नारद द्वारा विष्णु प्रार्थना प्रकट होना, वर देना, विश्वमोहिनी स्वयंबर राजाओं का आगमन, नारद का कपिरुप मे आगमन, विष्णु का आगमन, विश्वमोहिनी द्वारा विष्णु को जयमाला डालना, शिवगणो द्वारा नारद का रुप बताना, विष्णु का मिलना, नारद द्वारा श्राप देना, मनु सतरुपा तप, आकाशवाणी होना, विष्णु का प्रकट होकर वर देना, रावण कुम्भकण व विभीषण की तपस्या ब्रह्म का प्रकट होकर वर देना, राक्षसों का अत्याचार, ऋषियों को सताना, इंद्र दरवार समस्त देवताओं का भयभीत होना, मेघनाद का आगमन, युद्ध होना, सभी देवताओं को बंदी बनाकर रावण दरवार ले जाना, रावण द्वारा कैलाश मानसरोवर का अहंकार करना, शिवकोप चद्रहाश प्राप्ति, रावण दरवार मे सैनिकों का प्रवेष करके सभी देवताओं को पेश करना, नारद शिव ब्रह्म व पृथ्वी ऋषियों का संवाद, सबके द्वारा विष्णु कि प्रार्थना करना, आकाशवाणी होना आदि दृश्य अनुभवी कलाकारों द्वारा दिखाये गये ।कलाकारों मे प्रमुख रुप से पवन कुमार शुक्ला ( गोलू ), बद्रीनाथ मिश्रा,  जयभगवान पान्डेय, आशीष मिश्रा ( मोनू ),  राममनोहर पाल, सदाशिव विश्वकर्मा प्रकाश, सोनी आदि कलाकारों द्वारा मंचन किया गया ।








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