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बीपीसीएल का भविष्य कर्मचारियों पर टिका Dainik Mail 24

 

प्रयागराज। नैनी स्थित बीपीसीएल (भारत पंप कंप्रेशर लिमिटेड) का भविष्य इसके कर्मचारियों के सुझाव पर निर्भर करेगा। केंद्रीय भारतीय उद्योग मंत्रालय ने इकाई संचालन को लेकर कर्मचारियों से बीते अप्रैल में सुझाव मांगा था। कर्मचारियों की ओर से बीपीसीएल प्रबंधन ने सुझाव मंत्रालय को भेज दिया है।


इकाई के निजी हाथ में देने या बंद करने पर केंद्र सरकार में चल रहे मंथन के बीच इलाहाबाद की सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा था। सांसद ने पत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारी की मदद मांगी थी। पीएमओ ने भारी उद्योग मंत्रालय को पत्र अग्रसारित कर दिया। बीपीसीएल इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष श्रीराम यादव ने बताया कि प्रबंधन ने बिंदुवार जवाब भेजा है। सभी सवाल वही हैं जो संसद में उठाए गए। इकाई प्रबंधन इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ 80 करोड़ रुपए उधार मिल जाए तो स्थिति अच्छी हो जाएगी। दरअसल, केंद्र सरकार की कैबिनेट ने 2016 में बीपीसीएल के विनिवेश या बंद करने पर निर्णय लिया। चार साल पहले एक निजी एजेंसी को इकाई के विनिवेश की प्रक्रिया शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई। एजेंसी ने विनिवेश की प्रक्रिया पूरी की लेकिन नैनी की इकाई में कोई निवेश को तैयार नहीं हुआ।

इसके बाद विनिवेश और इकाई के बंद करने पर अंतिम निर्णय विचाराधीन है। हाल ही में पता चला कि इकाई को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू होगी।








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