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लेखिका एकादशी त्रिपाठी की आत्महत्या की निष्पक्ष जांच हो - विवेक संकल्प Dainik Mail 24

 


प्रतापगढ़ । पत्रकार विवेक संकल्प ने समाज के कुछ जिम्मेदारों से बात करते हुए कहा कि मै बिन बात घुमायें सीधी सी बात पूछना चाहता हूं कि राष्ट्रीय कवयित्री,लेखिका,मोटिवेशनल स्पीकर एवं वकील एकादशी त्रिपाठी जी अपने मायके मेरठ में शनिवार को आत्महत्या आखिर  क्यों की ? एकादशी कोई आम महिला नहीं थी, बल्कि अनोखी प्रतिभा धनी थी जो अपने दम पर बिन समझौता किये हो एक अपना ही मुकाम बनाया था। जो अखिल भारतीय विद्यार्थी सेवा परिषद , बेटियों की हिचकी, हिन्दी साहित्य अकादमी जैसी सुप्रसिध्द संगठन की सदस्य थी। अपनी बेबाक लेखनी, काव्य पाठों एवं विचारों से महिला सशक्तिकरण की बात निरन्तर उठाती रहती थी। ऐसी प्रतिभा साहित्य समाज की नहीं राष्ट्र की धरोहर थी,उसका इस तरह आत्महत्या करना मुझें तो पच नहीं रहा है। भारत का नागरिक होने के कारण अपने संविधान, न्यायपालिका एवं पुलिस प्रशासन पर भरोसा करते हुए एक प्रश्न करता हूं एकादशी त्रिपाठी की आत्महत्या का मूल कारण क्या है ? यह सच है कि बिन प्रमाण के पुलिस के साथ कोई भी किसी पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं कर सकता है। वैसे कानून प्रमाणों पर चलता है न कि किसी मानवीय भावना पर। मैं पुलिस प्रशासन से यही चाहता हूं कि ऐसी आत्महत्या का खुलासा होना जरूरी है वरना न जाने कितनी एकादशी की मौते रहस्यमयी रूप से होती रहेगी। जो कि सभ्य समाज के लिए, प्रशासन के लिए उचित नहीं है। एक पत्रकार तौर या एक भाई के तौर पर खुलकर बोलता हूं - बिन दबाव के सत्य प्रमाण के आधार प्रशासन कोई भी कारवाई करें जो भी दोषी हो उसके सजा मिलें। जब ऐसी घटना घटती है तो समाज में,सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें उठती हैं। ऐसी स्थिति में एकादशी के परिवार वालों को पुलिस प्रशासन के जांच में सहयोग करना चाहिए। एक एकादशी संकल्प - न्याय जरूरी है।








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