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भगवान का रूप होता है डॉक्टर इस कहावत को सचकर रहे हैं डॉक्टर प्रदीप भास्कर Dainik Mail 24

 



प्रतापगढ़ ।किसी ने क्या खूब कहा है, "काम करो ऐसा की पहचान बन जाए, हर कदम ऐसा चलो की निशां बन जाए,यहाँ जिंदगी तो सभी काट ही लेते हैं,जिंदगी जियो ऐसी की मिसाल बन जाए." ऐसा ही सच साबित हो रहे हैं डॉक्टर प्रदीप भास्कर l जैसा कि कहा भी जाता है कि भगवान का दूसरा रूप होता है डॉक्टर l कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं जो मरीजों की सेवा को ही नारायण सेवा मानते हैं. वाकई में ये चिकित्सक प्रेरणा के पुंज हैं. जिस तरह से भगवान लोगों को नया जीवन देते हैं, ठीक उसी तरह डॉक्टर उस जीवन को बचाने का काम करते हैं. जब व्यक्ति किसी रोग से ग्रसित हो जाता है तो एक डॉक्टर ही है जो उसे एक नया जीवनदान देता है.हालांकि आज के दौर में इस डॉक्टरी पेशे में कुछ ऐसे भी लोग आ गये हैं जिनका काम सेवा न होकर कमाई करना है. किंतु एक डॉक्टर ऐसे भी हैं जो वर्तमान समय में स्वरूप रानी प्रयागराज में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट पर चौबीसों घंटे खड़े होकर गरीब, असहायों से लेकर कोरोना पीड़ित तक का अपना दर्द समझकर उनका दर्द बाँट रहे हैं अभी हाल ही में ग्रामीण अंचल नौबस्ता दखिनहा का पुरवा निवासी राम बरन वर्मा के करीबी रिश्तेदार को प्रतापगढ़ रूमा हास्पिटल में एडमिट कराया गया था उस मरीज को तत्काल में डब्लू बी सी सफेद बल्ड की आवश्यकता आन पड़ी थी तो पूरेमुरली कमयनपुर नौबस्ता के एक कर्मठ समाजसेवी बिपिन पाण्डेय भी रामबरन के साथ वहीं पर उपस्थित थे तो उनसे देखा नही गया तो वो तुरंत ही प्रयागराज के लिए रवाना हो लिए ताकि उस गरीब इंसान की जान बचाई जा सके उन्होंने पुर जोर कोशिश की लेकिन पूरे प्रयागराज में उनकों कहीं भी डब्लू बी सी ब्लड नही मिल पाया तो वो काफी परेशान से हो गए उन्हे लगा कि अब उस गरीब इंसान की जान कैसे बच पाएगी तभी अचानक उनको ध्यान आया कि नौबस्ता निवासी सुरेंद्र मिश्र पुत्र प्रदीप भास्कर मिश्र ( लल्लन ) प्रयागराज के स्वरूप रानी हॉस्पिटल में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं लेकिन समस्या पर समस्या उन्होंने सोचा कि उन्हे फोन कर ले किंतु उनके पास नम्बर ही नही था तो वो और घबराये फिर अचानक गाँव वालों से संपर्क साध कर उन्होंने आखिर में नंबर निकाल लिया और उनसे बात हुई और ईश्वर की कृपा से ब्लड की व्यवस्था डॉ. प्रदीप भास्कर के सहयोग से प्राप्त हो गया तब जाकर उनको संतुष्टि मिली आनन फ़ानन में वे प्रयागराज से भाग कर पहुंचे प्रतापगढ़ के रुमा हॉस्पिटल तब उस गरीब को ब्लड चढ़ाया गया अब प्रभु की कृपा से वो कुशल मंगल से है डॉक्टर साहब ने दो-तीन दिनों में पूर्ण स्वस्थ हो जाने की बात कही तब जाकर उनको चैन आया l ऐसे ही नेक और पुनीत कार्यों को लेकर डॉक्टर के प्रति पूरे ग्राम सभा में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है और उन्हें लोग भगवान के दूसरे रूप में देख रहे हैं l आखिर में बताते चले की बिपिन पाण्डेय इस बार ग्रामसभा पूरेमुरली के प्रधान पद प्रत्याशी के रूप में उभर कर सामने आए हैं l







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