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युवा खो रहे है अपनी सहनशीलता की शक्ति - राकेश त्रिपाठी Dainik Mail 24

 


प्रतापगढ़। गांव, शहर ,जनपद, राज्य और देश की प्रगति के प्रतीक युवा होते हैं। अगर युवाओं मे कुछ करने का जज्बा आ जाए तो निश्चित रूप से वे कर सकते है और अमूमन हम लोगों ने उन्हें करते भी देखा है। लेकिन एक बडी समस्या आज के युवक व युवतियों की है सहनशीलता की कमी। युवाओं पर आधारित एक आनलाइन बैठक को सम्बोधित करते हुए पं नागेशदत्त पब्लिक स्कूल के अध्यापक प्रखर वक्ता समाजसेवी राकेश त्रिपाठी जी ने इस बिषय को प्रमुखता से उठाते हुए, इस पर चर्चा किया। त्रिपाठी जी ने बताया की आज के युवा अपने मन व दिल की बात कभी अपने घर वालो से नहीं कह पाते तो कभी उनसे नहीं कह पाते जिनसे कहने की जरूरत होती है। इसी कारण शायद आज के युवा तनाव मे रहते है , संकोच करते है और जब अपनी समस्या किसी से नहीं कह पाते और उस समस्या का हल कही नहीं पाते है तो आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं। उन्होंने आगे बताया की किस प्रकार युवाओं को दृढ इच्छाशक्ति और सहनशील होना चाहिए। जिनके कंधो पर भविष्य के भारत की बागडोर आनी है अगर वह युवा ही संसय और आत्मग्लानि मे डूबा रहेगा तो न तो समाज का सही से विकास हो पाएगा और न ही देश व प्रदेश का।

बताते चले की राकेश जी हरक्षण युवाओं के समर्थन की बात करते हैं और न केवल समर्थन करते हैं अपितु जहाँ भी किसी को जरूरत होती हैं वहा हरसम्भव मदद और उचित मार्गदर्शन देते रहते हैं। राकेश त्रिपाठी जी का निवास स्थान धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मभूमि भटनी खास मे है।








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