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चार्जशीट पर हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार, जानिए पूरा मामला Dainik Mail 24

 

प्रयागराज। भीड़ द्वारा चक्काजाम कर कानून हाथ में लेकर पुलिस पर पत्थर, राड, लाठी आदि से हमला करना सभ्य समाज की जड़ पर हमला है। यह कहते हुए बिजनौर के स्योहरा थानाक्षेत्र में साहसपीर गांव के लोगों द्वारा सड़क जाम व पुलिस पर हमले के बाद गांव के 200-300 लोगों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर हस्तक्षेप करने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट नियमानुसार कार्यवाही करेगा। साथ ही अधीनस्थ अदालत के सम्मन आदेश के खिलाफ चार्जशीट रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि पेश किए गए कागजात को देखने से स्पष्ट है कि लोगों ने कानून की खुली अवहेलना की है और पुलिस पर हमला किया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने दिया है।

शहाबुद्दीन व अन्य की याचिका में कहा गया था कि वाहन चेकिंग में पुलिस को रुपये न देने के कारण फर्जी केस में फंसाया गया है। सरकार की तरफ से कहा गया कि तीन लोग मोटरसाइकिल से आ रहे थे। चेकिंग में उन्होंने वाहन नहीं रोका और एक कांस्टेबल को धक्का देकर घायल कर दिया। कुल घायल चार लोगों को अस्पताल ले जाते समय गांव के दो 200-300 लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस पर राड, लाठी से हमला किया।इससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। 14 मार्च 2019 को हेड कांस्टेबल राजवीर सिंह ने घटना की एफआईआर दर्ज कराई। 31 मई 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसपर कोर्ट ने याचियों को सम्मन जारी किया है।








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