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माँ एक पिता दो बच्चे चार ,दो ग्राम सभाओं में बंटा परिवार Dainik Mail 24

 

ब्लाक लच्छमणपुर अन्तर्गत सिधौर एवं डोडपुर का मामला


प्रतापगढ़। परिस्थितियां कब किसको कहां पहुंचा देती है यह समय ही बता सकता है । एक युवक पर यह कहावत पूर्ण रूप से चरितार्थ होती दिख रही है जो न तो घर का हुआ न घाट का ।ऐसा ही एक मामला ग्राम सभा सिंधौर एवं डोडपुर मे देखा जा सकता है ।डोडपुर निवासी  रामदुलार कोरी एवं कृपाली की शादी तीन दशक पूर्व हुई थी ।रामदुलार के दो पुत्र हुए, पर कृपाली का दुर्भाग्य कहा जाए अथवा बच्चों की बदनसीबी समझा जाए ।रामदुलार की मौत हो गयी ।ऐसी स्थिति में दुर्भाग्यशाली कृपाली के आंखो के सामने अंधेरा छा जाना स्वाभाविक ही था ।कृपाली ने अपने दोनों बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए सिंधौर ग्राम सभा के हरिहरपुर निवासी रामराज से शादी कर ली ।जहाँ कृपाली को रामराज से भी दो बच्चे हुए ।रामदुलार से पैदा हुआ बड़ा बेटा श्यामलाल उर्फ पप्पू जिसकी उम्र लगभग 45 वर्ष है। वह अपने बीबी बच्चों के साथ अपनी जन्म भूमि डोडपुर मे ग्रामीणों के बुलावे एवं सहयोग से वहा का निवासी हो गया ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तात्कालिक प्रधान के सहयोग से पप्पू  को आवास भी उपलब्ध करा दिया गया किन्तु रामदुलार का दूसरा पुत्र संजय उर्फ गुड्डू सिंधौर मे ही रामराज के पुत्रों के साथ रहता रहा ।वहीं सिधौर निवासी रामराज एवं पत्नी कृपाली तथा रामराज का बडा बेटा सोनू भी असमय काल के गाल में समा गया। गुड्डू जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष के आस पास है, अविवाहित अवस्था में छान छप्पर डालकर  निवास करने के लिए मजबूर हो गया है । वहीं रामराज  से पैदा दूसरा पुत्र मोनू  पक्के मकान में निवास कर रहा है जिसकी नियत मे खोट होने की बात ग्रामीणों द्वारा चर्चा मे है । अब ऐसे में बदनसीबी की मार झेल रहे गुड्डू जो कि मा- बाप की मृत्यु के बाद मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हुए स्वयं द्वारा बनाए भोजन से अपना पेट पालने को मजबूर हो चुका है ।अब ऐसी स्थिति में गुड्डू अपनी बदनसीबी की मार से कब और कैसे छुटकारा पा सकता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।फिलहाल मामले मे वीडियो लक्ष्मणपुर से बात करने पर उन्होने बताया कि मामले की जानकारी हुई है ,नवीन आवास लिस्ट मे नाम नही है ,जल्द ही पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास दिलाने का प्रयास किया जाएगा ।








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