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गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का अंतराष्ट्रीय स्तर पर भव्य विमोचन Dainik Mail 24

 

20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित पृथ्वी के 101 मोस्ट इंस्पायरिंग लोगों की जीवनी हुई प्रकाशित



अर्ली न्यूज नेटवर्क


प्रतापगढ़ ।स्वर्ण भारत  परिवार व प्रूडेंट पेन्स के संयुक्त तत्वावधान मे हुआ आयोजन

स्वर्ण भारत ने एक बार फिर से साबित कर दिया के क्यू स्वर्ण भारत को देश दुनिया मे सबसे अलग कार्य करने के लिए जाना जाता रहा है, स्वर्ण भारत परिवार ग्लोबल ने प्रूडेंट पेन्स के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का भव्य विमोचन किया। जिसमे अमेरिका,भारत ऑस्ट्रलिया, रूस, इंगलैंड, घाना, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित देश के 51 ऐसे लोग, जिनहोने विषम परिस्थितियो से लड़कर खुद को साबित किया है, उन महान व्यक्तियों की जीवनी को शामिल किया गया है, इस तरह ये 101 लोग पृथ्वी क सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले लोग बन जाते हैं यानि की मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ । ज्ञात है की मोस्ट इंस्पायरिंग पीपल ऑफ अर्थ वैबसाइट का विमोचन स्वर्ण भारत परिवार द्वारा पहले ही किया जा चुका है ।पुस्तक के बारे मे मीडिया को संबोधित करते हुए स्वर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पीयूष पंडित ने बताया के इस बुक में विषम परिस्थियों मे प्रेरणादायक  कार्य करने वाले लोगो की कहानियाँ हैं  जो आपको झकझोर देंगी और सोचने को मजबूर कर देंगी के क्या वाकई मे आप अपने इंसान होने का फर्ज़ निभा रहे है या नहीं, आपके धरती पर जन्म लेने के उद्देश्य को पूर्ण करती नज़र आ रही है "गोल्डेन बुक ऑफ द वर्ल्ड"। साथ ही इस पुस्तक की खासियत ये है के इसमे करीब 50 देशों के राष्ट्रपति य प्रधानमंत्री की जीवनगाथा को स्थान मिला है जिसमे ऑस्ट्रलिया, अमेरिका,रूस, इंगलैंड, घाना, इंडोनेशिया,सहित अन्य कई देशों के प्रमुखों की जीवन गाथा को लिखा गया है ,भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अनूठी आत्मकथा को नए तरीके से पेश करती है गोल्डन बुक । साथ ही इस मे भारत सरकार के कुछ मंत्रियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, पीयूष पण्डित ने कहा कि बहुत से अनूठे उदाहरण पेश करने वाले आम व्यक्तियों को उनके द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयोगों जिससे मानवता का विकास व आम नागरिकों के जीवन मे बदलाव आया है उसे चित्रित किया गया है। ऑनलाइन लॉंच करने के साथ ही बुक जल्द ही इंटरनेशनल बुक सेलर अमेज़ॉन की वेबसाइट पर किंडल वर्जन के साथ प्रिंट वर्जन में जारी की जाएगी । वेब मॉडल तैयार कर रही कंपनी जेम्स इंफोटेक ने बताया की द इंस्पारिग पीपल डॉट कॉम की वेबसाइट पर सभी चयनित विशेषज्ञों की जीवनी जारी करने की बात काही है।

गोल्डन बुक ऑफ अर्थ का विमोचन ज़ूम एप के माध्यम से किया गया , ऑनलाइन किए गए इस कार्यम के दौरान शामिल किए गए व्यक्तियों ने अपनी प्रेरक कहानियो को अपने शब्दो मे सुनाया और बताया के किस तरह उन्होने कभी खुद , से कभी परिवार से , कभी समाज से तो कभी परिस्थितियो से लड़ते हुए अपने आप को साबित किया तथा अपने नाम देश विदेश मे स्थापित किया । स्वर्ण भारत परिवार के अथक प्रयास से अन्तराष्ट्रीय बुक एजेंसी द्वारा भारतीय मूल के विशेष व्यक्तियों की जीवनी लिखने व ग्लोबल बुक ऑफ द अर्थ में शामिल करने मे सफल रहा है । प्रूडेंट पेन्स ने बहुत ही कलात्मक अंदाज मे सभी की जीवनियों को शब्दो मे पिरोया है। समारोह के प्रारम्भ ने मे गुरुजी श्री आनंद गिरि जी महाराज ने सवर्ण भारत के  के कार्यो की सराहना की और अपना आशीर्वाद संस्था को प्रदान किया, स्वामी श्री दण्डी जी महाराज ने विडियो के माध्यम से कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की । पानबाई इंटर नॅशनल स्कूल मुंबई की प्रिंसिपल प्रतिभा मिश्रा ने वेबिनार को मूर्तरूप देने मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा की । दिशा फ़ाउंडेशन की चेयरपर्सन वंदना शुक्ला ने हमेशा कीतरह स्वर्ण भारत के कार्यों की सराहना की और भविष्य मे साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। स्वर्ण भारत ग्लोबल की पीस एम्बेस्डर थेरेसा एग्यमंग ने वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले प्रयासो की चर्चा की। नारायणपुर कृषि विश्वविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर की डीन रत्ना नशिने , राधा वाल्मीकि एवं रेणुका यादव ने स्वर्ण भारत एवं पीयूष पंडित के कार्यो की भूरी भूरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौराम स्पीकर  MSME चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमेन इंद्रजीत घोष जी ने युवाओ के लिए रोजगार के विस्तृत अवसरो पर चर्चा करी, जितेंद्र मणि त्रिपाठी जी ने वैदिक काल के स्वर्णिम युग एवं वर्तमान मे वैदिक संस्कृति को अपनाने की आवशकता पर ज़ोर दिया, साथ ही युवाओ को जुर्म से दूर रहने के लिए चेताया। पूर्व सेशन जज उदय चंद बारूपल जी ने विश्व शांति का संदेश दिया और युवा कौशल पर अपने विचार व्यक्त किए । कौन बनेगा करोड़पति विनर एवं अंतर्राष्ट्रीय पैरा एथलीट शताब्दी अवस्थी ने अपने जीवन संघर्ष के बारे मे बताते हुए मानसिक तनाव को किस तरह दूर किया जाए इस पर अपने विचारो को व्यक्त किया। यास्मिन बेग़म ने शिक्षा की आवश्यकता पर ज़ोर दिया तथा बताया की शिक्षा के माध्यम से समाज से कई बुराइया दूर की जा सकती हैं। कंचन शर्मा ने समाज मे दिव्यंगों की स्थिति एव उनके उत्थान के लिए किए जाने वाले कार्यो की चर्चा की । कार्यक्रम के दौरान संस्था की कीनोट स्पीकर डा. मोनिका कौशल ने दुबई से महिलाओ एवं बच्चो के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओ पर चर्चा की, डा .क्रुति वजीर जो की एक सफल आंतप्रेनयोर हैं ने वर्तमान कोरोना महामारी के समय व्यवसाय  के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए,पूनम खंगारोत जी ने राजस्थान मे महिला उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यो पर चर्चा की, विश्वनाथ पाणिग्रही जी ने वर्तमान समाज मे वृद्धो की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्हे एक सम्मान पूर्वक जीवन देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। एजीप्ट से नाड़ा नाबिल ने बताया कि किस तरह स्वर्ण भारत एजीप्ट मे अपने आप को स्थापित कर निरंतर आगे बढ़ रहा है, ओस्ट्रेलिया से स्वर्ण भारत के प्रतिनिधि वेद तिवारी ने ऑस्ट्रेलिया मे स्वर्ण भारत द्वारा किए जा रहे कार्यो कि विस्तार से चर्चा की । प्रूडेंट पेन्स की संस्थापक प्रूडेंस ओन्नाह ने गोल्डेन बुक को जारी करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया की किस तरह से लोगों की प्रेरणादायक कहानियो ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है साथ ही उन्होने जाना कि किस तरह भारत के लोग समस्याओ का सामना मजबूती से करते हैं। स्वर्ण भारत परिवार ग्लोबल की ट्रस्टी श्रीमति रोशनी लाल जी ने स्वर्ण भारत परिवार के विश्वव्यापी वर्तमान और आगामी कार्यक्रमों कि रूपरेखा को सभी के सामने विस्तार पूर्वक रखा, स्वर्ण भारत (महिला) कि अध्यक्षा अंजु पंडित ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को आगे लेकर जाना वर्तमान समय मे बहुत जरूरी है, पूनम मदान ने लड़कियो के साथ हो रही छेड़छाड़ को रोकने के लिए लड़को को सही तरीके से शिक्षित करने और लड़कियों को आत्मनिर्भर और सशक्त होने पर ज़ोर दिया। एक सफल आंतप्रेनयोर होने के नाते दीपा माथुर ने व्यवसाय मे महिलाओ कि कमजोर स्थिति के बारे मे बताया साथ ही उन माध्यमों से अवगत कराय जिनके द्वारा महिलाये व्यवसाय के क्षेत्र मे भी अपना नाम कमा सकती हैं।

स्वर्ण भारत ग्लोबल विश्व स्तर पर प्रसिद्ध संगठनों में से एक है जो दुनिया भर के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास में काम करता है। अपने परोपकारी स्वभाव के कारण,स्वर्ण भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के संरक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, मानव अधिकारों, स्वरोजगार और युवा प्रेरणा के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, स्वर्ण भारत को अंतरराष्ट्रीय कैलिबर के साथ गुणवत्ता कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निकायों से बहुत प्रामाणिक मान्यता प्राप्त है। कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के पीछे का मकसद कंप्यूटर शिक्षा के अग्रिम तकनीकी पहलुओं में देश और विदेश के युवाओं को प्रेरित करना है। स्वर्ण भारत समानता के दर्शन और सेवानीति के माध्यम से दुनिया की प्रतिभा को बढ़ाने के अवसरों का अनुसरण करता है। जैसे-जैसे हम बढ़ते और पैमाने पर सफलताओं में पूर्ण दृश्यता प्रदान करते हैं, और कभी-कभी विफलताओं पर गर्व करते हैं। यह हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है क्योंकि हम कार्यों में एक समान लक्ष्य की ओर सहयोग करते हैं और काम करते हैं। हमें विश्वास है कि स्वर्ण भारत परिवार से जुड़े हर व्यक्ति सम्मान प्राप्त करता है, और यही कारण है कि सीखना और विकास हमारे लिए एक महत्वपूर्ण है। यह कर्मचारियों को काम के माहौल में सशक्त बनाता है जो अनुकूल है। हम विनम्रता के आधार पर आगे बढ़ते हैं और महत्वाकांक्षा से प्रेरित होते हैं। यह लगातार हमारे सर्वश्रेष्ठ होने पर जोर देता है, समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है, और हर दिन हमारी प्रतिभा, जुनून और कड़ी मेहनत के माध्यम से एक प्रभाव बनाने के लिए प्रेरित होता है।स्वर्ण भारत बेजोड़ दृष्टि, नवाचार और निष्पादन का अनुसरण करता है।आगामी वर्ष में विश्व के 195 देशों में सेवानीति का परचम लहराने के लिए हम वचनवद्ध हैं, हम नवाचार, तेज,और विनम्रता के वाहक हैं,ज्ञान सम्मान सुरक्षा एकता,हमारे स्तम्भ हैं,हम विज्ञानवाद और अध्यात्मवाद की अनूठी कड़ी हैं, हम वैश्विक हैं,हम निर्विरोध हैं,हम स्वर्ण भारत परिवार हैं।








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