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ऐतिहासिक रहा लक्ष्मणपुर में आयोजित 26 वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, मुशायरा एंव सम्मान समारोह Dainik Mail 24

 

कवियों एंव श्रोताओं ने शासनादेश तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश को तहत काव्य पाठ का लिया आनन्द 


प्रतापगढ़ । जनपद के लक्ष्मणपुर बाजार में रविवार की रात शिक्षाविद् मालवीय स्व.पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय एवं विकास के महारथी पूर्व मंत्री खादी ग्रामोद्योग स्व. राजाराम पाण्डेय की पावन स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, मुशायरा एवं सम्मान समारोह ऐतिहासिक और कामयाब रहा ।

        कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रविशंकर द्विवेदी डी पी आर ओ प्रतापगढ़ एंव संजय तिवारी ( बडे़ )  पूर्व प्रमुख विकास खंड लक्ष्मणपुर तथा विशिष्ट अतिथि आर पी वर्मा व सारिका श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया इसके पूप्व अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समीप दीप प्रज्वलन कर एंव मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया । कार्यक्रम की शुरुआत जौनपुर से पधारी युवा कवियित्री काजोल पाठक 'योगिनी' के सुमधुर वाणी वंदना से हुई । इसके बाद मोहम्मद सूफियान प्रतापगढ़ी  ने पढ़ा 'आन बान और शान लिख देंगे । अपना दिल और जान लिख देंगे । सीतापुर से पधारे युवा कलमकार लेफ्टिनेंट पुष्कर शुक्ला की पंक्तियों ' मैंने अमृत के प्याले से जहर पिया है । खुद के लगे जख्म को मुस्कान से सिया है ।' ने पढ़कर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया, तत्पश्चात प्रयाग की धरती से पधारे हास्यकवि बिहारी लाल अंबर के काव्यपाठ पर पूरा पंडाल तालियों की गडगडाहट से गुजिंत हो उठा । बहराइच से पधारे ओजकवि सचिन त्रिपाठी ने पढ़ा 'जब गीदड़ के छलित जाल में मृगराज कभी फंस जाते थे ।' जौनपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार डाक्टर शिवानंद चौबे जी ने पढा 'अंधेरे से अगर ऑखें न करना चार आया तो उगें सूरज हजारों पर सुबह तेरी नहीं होगी ।' मछली शहर से आए हुए कवि डाक्टर प्रेम शंकर द्विवेदी भास्कर ने कुछ यूं पढा 'मर्यादा सत्कार हूँ मैं सीमा का पहरेदार हूं।'

         प्रख्यात व्यंग्यकार ' इन्दु' सुल्तानपुरी ने पढा पल भर में बैरी सेना तिडबिडी कर दे । लघुता में प्रभुता खोजे कुछ बात बडी कर दे ।' आजमगढ़ से पधारे युवा शायर साकिब लोहियावी ने पढ़ा होठों से मेरे छीनके मुस्कान ले गया । मेहमान बनके आया था और जान ले गया। काजोल पाठक योगिनी जी की रचना एक रोज वो मिले और जान माँगने लगे । सफर ए मोहब्बत में आराम माँगने लगे ।खूब सराही गयी । बहराइच से पधारे संजीदा कलमकार डाक्टर आशीष त्रिपाठी अश्क ने पढ़ा इतनी उदास कब रही थाली में रोटियाँ । रहती हैं आजकल बेखयाली में रोटियां ।अयोध्या से पधारे ओजकवि दुर्गेश पाण्डेय दुर्लभ जी ने पढा सोचता हूँ कि माॅ पर कहानी लिखूँ । पर मैं बचपन लिखूँ या जवानी लिखूँ । इसके अलावा गीतकार डाक्टर सुधान्शु उपाध्याय जी, वरिष्ठ व्यंग्यकार राजेश प्रतापगढी, इसराइल मामा, विक्टर सुल्तानपुरी , आशुतोष गिरि दीपक, रवि मिश्रा कुन्दन, विपिन शुक्ला, अंकित तिवारी, श्याम तिवारी, परवाना, नारेन्द्र निराश और मंच के संस्थापक श्री संतोष श्रीवास्तव विद्रोही एवं साहित्यकार "लंठ" प्रतापगढी जी ने भी काव्य पाठ किया ।

       कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों सहित साहित्यिक, सामाजिक व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले इक्यावन लोगों को शाल, सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह द्वारा अलंकृत किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयाग राज से पधारे आचार्य विनोद द्विवेदी एवं संचालन वरिष्ठ व्यंग्यकार गंगा पाण्डेय भावुक ने किया । कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि के रुप मे पहुंचे डी पी आर ओ रविशंकर द्विवेदी ने कहा कि कविता जितनी समाज‌ के हर पहलू को लोगों को बीच सरलता व सहजता से पहुंचाने का माध्यम है और अपनी तथा समाज के बातों को जिम्मेदारों तक पहुंचाने का सरल तरीका है कविता उतना ही स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने मे सहायक भी है । इसके पश्चात बतौर विशिष्ट अतिथि ते रुप मे बोलते हुए पूर्व प्रमुख संजय तिवारी ( बड़े ) ने कविता को समाज का आइना बताया उन्होने कहा कि कवि अपने रचनाओं से द्वारा समाज के हर उस पहलू को बहुत ही सरल एंव सुदृढ़ तरीके से लोगों तक पहुचा देते हैं जहां बहुत से लोग नही पहुंच पाते ,उन्होने पुरानी कहावत जहां न पहुचे रवि उहां पहुचैं कवि के बारे मे बताते हुए कविता को समाज को लिए सार्थक एंव जीवनोपयोगी अंग बताया, साथ ही उन्होने शिक्षाविद् पं.मुनीश्वर दत्त के जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला । इसके पश्चात कई मनीषी विद्वान वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए साहित्यकारों को समाज का आइना बताया एंव विकास पुरुष को रुप मे जाने विख्यात रहे स्व. राजाराम पाण्डेय के द्वारा जनहित मे किए गए कार्यों को बारे मे उपस्थित होगों को बताया तथा शिक्षाविद पं. मुनीश्वर दत्त के जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से इन्जीनियर जे बी सिंह, शिव कुमार सिंह, बैगी पाण्डेय भारत गैस तेजगढ़, प्रेम शंकर पाण्डेय इटौरी , कृष्ण देव शुक्ल डांडी, निशाकान्त पाण्डेय, राम राज पाण्डेय नेता जी, राम चन्द्र शुक्ल प्रधान शिवबोझ, डाक्टर सुनील कुमार यादव जी, लोकप्रिय रत्नेश द्विवेदी अभिनेता प्रतापगढ़, श्री राम गोपाल चौहान जी जिला युवा समन्वय नेहरू युवा केन्द्र प्रतापगढ़, विनय मिश्रा जी आदि तमाम गणमान्य जनों की उपस्थिति अत्यंत ही सराहनीय रही जिनिहोने शासनादेश एंव स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत कार्यक्रम मे सहभाग करते हुए काव्य पाठ का आनन्द लिया। अंत में कार्यक्रम की संयोजिका चाँदनी दुबे ने आए हुए समस्त अतिथियों के साथ ही साथ समस्त श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया ।








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