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अर्नव के रिहाई मे हो रहे देरी से पनप रहा लोगों मे जनाक्रोश Dainik Mail 24

 

आम जनमानस से लेकर पत्रकारों, अधिवक्ताओं को साथ ही धार्मिक संगठनों ने अनैतिक रूप से किए गए गिरफ्तारी पर उठाए सवाल



प्रतापगढ़ । अर्नव गोस्वामी के गिरफ्तारी को लेकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों मे लोगों मे आक्रोश है , लोगों का कहना है कि अब उनके सब्र की परीक्षा लिया जा रहा, अर्नव की जल्द रिहाई न हुई तो उनके सब्र का बांध टूट जाएगा और लोग व्यापक स्तर पर विरोध करने को बाध्य होगें ।आम जनता से लेकर पत्रकारों व अधिवक्ताओं मे भी अर्नव की गिरफ्तारी को लेकर रोष व्याप्त है । अखन्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि अर्नव की अमर्यादित एंव अनलीगल तरीके से गिरफ्तारी न्याय संगत नही है और न ही उचित । यह पत्रकारिता कर रहे चौथे स्तम्भ पर सीधा - सीधा हमला है जो बर्दाश्त नही, उन्होने कहा कि मामले मे जल्द अर्नव को न्याय दिया जाए ।

         लालगंज तहसील मे बतौर अधिवक्ता के रुप मे जरुरतमन्दों को न्याय दिलाने एंव जनहित से जुड़े मामलों के प्रति समर्पण की भावना रखने वाले दीपक पान्डेय ने कहा कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क सच्चाई के लिए लड़ते हुए एक बड़ा ब्रान्ड बनता जा रहा था जो बहुत से लोगों को अखरने लगा था और इसी के प्रतिरुप मे उनके साथ कुछ राजनैतिक व्यक्तियों व पार्टियों के साजिश का शिकार होना पड़ा और जेल जाना पड़ा, हलांकि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के अनुसार उनके इस बर्बरतापूर्ण रवैए के बावजूद भी न तो अर्नव डरे हैं और न ही उनकी टीम डरी है, क्योंकि आज उनके साथ देश ही नही बल्कि विदेशों मे भी अरबों लोगों का साथ जुड़ा हुआ है । जिस तरीके से अर्नव को मानसिक आघात वह बेहद निंदनीय है ,उन्होने कहा कि जिस तरीके बदले की भावना से अर्नव के साथ चौथे‌ स्तम्भ को दबाने की कोशिश किया जा रहा है उसका भारत ही नही बल्कि विदेशों मे भी लोग विरोध‌ कर रहे हैं ।

        हिन्दू भगवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष सुरजीत तिवारी ने कहा कि जिस तरह से अर्नव को साजिश के तहत फंसाया गया और जेल भेजा गया यह दुर्भाग्यपूर्ण है, उन्होने कहा कि यदि दीपावली से पूर्व उन्हे जेल से रिहा नही किया गया तो व्यापक स्तर पर हिन्दू भगवा वाहिनी के कार्यकर्ता एंव पदाधिकारी सड़कों पर उतरेगें और अर्नव के लिए न्याय के महायुद्ध मे लड़ेगें तथा अर्नव का साथ देगें ।पत्रकार अरविन्द दुबे ने कहा कि अर्नव की अकारण ही बिना नोटिस गलत ढंग से गिरफ्तारी तथा उनके साथ मार पीट एंव अपराधियों से बढ़कर दुर्व्यवहार करना न्याय संगत नही। कुछ सियासी दलों का शिकार हुए अर्नव को न्याय कब मिलेगा यह तो कह पाना मुश्किल है किन्तु उन्हे जल्द रिहा नही किया गया तो लोगों का गुस्सा जनाक्रोश के रुप मे परिणित हो जनान्दोलन का रुप ले सकता है । वैसे जितनी तेजी वहां की पुलिस ने अर्नव की गिरफ्तारी को लेकर दिखाया है उसका आधा भी यदि अपराध रोकने पर लगाने पर लगा देते तो महाराष्ट्र मे हो रहे हत्या, बलात्कार, छिनैती जैसी विभिन्न घटनाओं पर अंकुश लग जाता और एक अच्छे एंव सभ्य समाज के साथ - साथ एक बेहतर लोकतन्त्र की स्थापना हो सकती है ।पत्रकार सुरेश शुक्ल ने कहा कि जिस प्रकार से एक पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार होता है और उसे जेल भेज दिया जाता है यह लोकतन्त्र के स्वतन्त्रता का हनन है ।








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