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भागवत कथा में पांचवे दिन श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग को प्रस्तुत करते - आचार्य पं. उमापति मिश्र Dainik mail 24

 


प्रतापगढ़ । भदौरियन के पुरवा ऊछापुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन श्रद्धालु श्रोताओं की भीड़ उमड़ी।सभी श्रद्धालु कथा के विशेष प्रसंगों व हरिकीर्तन की मधुर स्वर लहरियों पर झूम उठे। भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को नंदोत्सव, श्रीकृष्ण बाललीलाओं का वर्णन, गोवर्द्धन पूजा व कंस वध जैसे मार्मिक व ज्ञानवर्द्धक प्रसंगों पर व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य पं.उमापति मिश्र ने प्रवचन दिए।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप की वृद्धि हुई है तथा धर्म की हानि हुई है तब- तब भगवान ने दुष्टों का नाश करने के लिए अवतार लिया है।उन्होंने नंदोत्सव प्रसंग पर विस्तार से प्रवचन किया। इस दौरान नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की धुन पर पंडाल में उपस्थित महिलाएं बच्चे एवं पुरूष झूम-झूम कर नाचने लगे। उन्होंने विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है। पूतना वेष बदलकर भगवान श्री कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। लेकिन भगवान श्री कृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण द्वारा उनको भगवान इन्द्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं। इन्द्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं। वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। जिसको देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। जिससे हारकर इन्द्र एक सप्ताह के बाद बारिश को बंद कर देते हैं। जिसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारों को लगाने लगते हैं।मुख्य यजमान माता शरण सिंह "भदौरिया" ने कृष्ण के बाल लीलाओं की पूजा अर्चना की और मौके पर भगवान को छप्पन भोग लगाया।इसके बाद गोवर्धन महाराज की आरती कर पूजा अर्चना की गई।कथा में सहायक गणों में आचार्य मयंक शुक्ल,आचार्य पंकज कुमार मिश्र,आचार्य परमेंद्र कुमार शुक्ल, आचार्य अंजनी मिश्र रहे l उपरोक्त कथा श्रवण के शुभ अवसर पर राजेश कुमार मिश्र, मिश्र,अंबुज मिश्र, उपेंद्र मिश्र, शुभम कुमार श्रीवास्तव, कुलदीप मिश्र और भदौरियन के पुरवा ऊछापुर ग्राम के निवासी सहित दूर - दराज से आए समस्त भक्तगण उपस्थित रहे l








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