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राहुल व मनमोहन पर ओबामा की प्रतिक्रिया पर सिविल न्यायालय मे दाखिल हुआ परिवाद, एक दिसंबर को होगी सुनवाई Dainik Mail 24


ऑल इण्डिया रूरल बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश ने ओबामा के दावे को याचिका के जरिए ठहराया आपराधिक षडयंत्र


प्रतापगढ़। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी किताब ए प्रामिस्ड लैंड मे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर जताये गये दावे को लेकर बुधवार को स्थानीय सिविल न्यायालय मे ओबामा के विरूद्ध परिवाद दाखिल किया गया है। प्रकीर्णवाद पर सिविल न्यायालय मे बहस के बाद सिविल जज विनीत यादव ने वाद की पोषणीयता पर आगामी पहली दिसंबर को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की है। ऑल इण्डिया रूरल बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल की ओर से बुधवार को यहां दीवानी न्यायालय मे दाखिल परिवाद मे ओबामा के दावे को भारतीय गणतंत्र की लोकतांत्रिक प्रणाली पर आपत्तिजनक दावा करार दिया गया है। याचिका मे अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश ने कहा है कि बराक ओबामा ने कुछ लोगों की साजिश से चीन और पाकिस्तान के साथ देश के तनावपूर्ण सम्बन्धों के बीच राहुल गांधी तथा मनमोहन सिंह को लेकर यह टिप्पणी व्यक्त कर लोकतांत्रिक व एक सम्प्रभु राष्ट्र के आंतरिक राजनीतिक मामले मे आपराधिक आशय से दखल दिया है। उन्होने कोर्ट से याचना की है कि देश मे राहुल गांधी के लाखों समर्थको को उद्वेलित कर देश की शांति व्यवस्था को बाधित करने के आपराधिक आशय के तहत ओबामा के कृत्य को भारतीय राष्ट्रद्रोह करार देते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज किये जाने के निर्देश दिया जाये। परिवाद मे याची की ओर से कहा गया है कि राहुल गांधी भारतीय संसद की लोकसभा तथा मनमोहन सिंह राज्यसभा के मौजूदा निर्वाचित सदस्य है। ऐसे मे एक विदेशी नागरिक के द्वारा उस देश के पूर्व राष्ट्रपति होने के बावजूद एक स्वतंत्र एवं गुटनिरपेक्ष देश के आंतरिक राजनीतिक मामले मे यह टिप्पणी अंर्तराष्ट्रीय समुदाय मे भारत की साख को भी आघात पहुंचाये जाने का आपराधिक षडयंत्र भी है। प्रकीर्णवाद की सुनवाई करते हुए सिविल जज विनीत यादव ने इसकी पोषणीयता पर आगामी पहली दिसंबर को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की है। प्रकीर्णवाद पर याची ज्ञानप्रकाश की ओर से संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल महेश व अधिवक्ता रमेश पाण्डेय तथा शहजाद अंसारी ने संयुक्त रूप से कोर्ट मे बहस पेश की। कोर्ट मे जैसे ही ज्ञानप्रकाश बनाम बराक ओबामा पत्रावली की पुकार हुई। वहां मौजूद वादकारियो तथा अधिवक्ताओं मे मुकदमें को लेकर खासा कौतूहल का माहौल बन गया। इधर एसपी को भेजे गये प्रार्थना पत्र मे भी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने ओबामा के खिलाफ केस दर्ज न होने पर दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के समक्ष आमरण अनशन शुरू किये जाने की चेतावनी भी दी है।







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