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भक्तिभाव के साथ व्रती भक्तों ने किया छठी मइया का पूजन अर्चन Dainik Mail 24

 

प्रतापगढ़ । कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व पूरे भारत मे मनाया जाता है । इस पर्व को उत्तर - प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड मे अधिकांश तौर पर मनाया जाता है । भारत के अधिकांश शहरों व ग्रामीणांचल मे छठ आने के पूर्व से ही लोग छठी मइया के पूजन अर्चन करने के लिए तैयारियां करने लगते हैं, यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है । कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी पर नहाए खाए, पंचमी पर खरना और षष्ठी के दिन मुख्य रुप से छठ पूजा व डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और सप्तमी के दिन उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाकर पारण किया जाता है । पौराणिक मान्यता के अनुसार छठ पूजा संतान प्राप्ति और संतान के सुखी जीवन के लिए किया जाता है । छठ पूजा मे सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है । छठी मइया की विशेष पूजा नदी या तालाब के किनारे विधिवत नियम पूर्वक किया जाता है ।व्रती छठ पूजा के समय पूरे चार दिन तक नियम पूर्वक विधि विधान के साथ पूजा करती हैं । पूजा से प्रसन्न होकर सूर्य देव तथा छठी मइया व्रती भक्तों व उनके परिवार वालों को सुखद एंव निरोगी जीवन का आशीष देते हैं । 

        लक्ष्मणपुर विकासखन्ड के हन्डौर दुबान मे छठी मइया का व्रती भक्तों ने विधि विधान से नियमित चार दिनों तक पूजन - अर्चन करके सप्तमी के दिन सुबह नदी के तट पर सूर्य देवता को अर्घ्य देकर पारण किया । इसके पूर्व षष्ठी के दिन व्रती राजकुमार द्विवेदी एंव पत्नी कमलेश द्विवेदी एडवोकेट ने नदी तट पर छठ मइया का विधि विधान के साथ एंव मंगल गीत गाकर पूजन - अर्चन कर छठ मइया से आशिर्वाद प्राप्त किया । इस दौरान गांव के राजेश दुबे, लक्ष्मीकांत दुबे, मुकेश दुबे सहित परिवार के पं.सालिकराम दुबे, सत्य प्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे, जिन्होने शासनादेश एंव स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करते हुए छठ मइया के पूजन - अर्चन कार्यक्रम मे शामिल हो छठ मइया का कृपापात्र बन उनका आशिर्वाद प्राप्त किया ।







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