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पराली जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न एवं दोहन चिंताजनक - प्रमोद तिवारी Dainik Mail 24

 

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य ने प्रदेश मे बिजली के बकाए के नाम पर गरीबों के उत्पीड़न तथा रक्षाबल के जवानों की पेंशन पर प्रतिबन्ध पर भी जताई नाराजगी


प्रतापगढ़। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य व यूपी आउटरीच कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने पराली जलाये जाने के नाम पर प्रदेश मे किसानो को परेशान किये जाने तथा उन पर अनावश्यक आपराधिक मुकदमे ठोंककर उत्पीडन को लेकर कडी नाराजगी जताई है। प्रमोद तिवारी ने सरकार से कहा है कि प्रदेश मे किसी किसान ने यदि अनजाने मे अपनी फसल का अपशिष्ट कूडे के रूप मे जला दिया तो उसे फर्जी मुकदमें का भय दिखाकर परेशान किया जा रहा है। शनिवार को सीडब्लूसी मंेबर प्रमोद तिवारी ने मुख्यमंत्री से किसान उत्पीडन की इस अनुचित कार्रवाई को लेकर आग्रह किया है कि वह प्रशासन को निर्देश दे कि किसी भी कीमत पर किसानो का शारीरिक एवं आर्थिक उत्पीडन न किया जाय। श्री तिवारी ने सरकार व प्रशासन को सलाह दी है कि किसान के द्वारा जहां पराली जलाई गई हो ऐसे मे उसे बुलाकर समझाया जाय न कि अनावश्यक रूप से पराली जलाने के नाम पर स्थानीय प्रशासन किसानो मे भय एवं आतंक पैदा करके जबरन धन उगाही करे। प्रमोद तिवारी ने प्रतापगढ़ समेत प्रदेश के कई जिलो मे लगातार इधर पराली जलाये जाने के नाम पर किसानो के उत्पीडन को अत्यन्त चिंताजनक व अफसोसजनक कहा है। बकौल प्रमोद तिवारी मैनपुरी जिले मे पांच किसानो का तो पुलिस ने कॉलर पकड़कर घसीटते हुए थाने ले गई और बाद मे कोई सुनवाई न करते हुए मासूम भोलेभाले किसानो को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस समय यूपी मे किसान अपनी उपज का सही मूल्य न मिलने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान सहित खरीफ की अन्य फसलो की खरीद न होने के कारण आर्थिक रूप से त्रस्त व परेशान है। ऐसे मे प्रमोद तिवारी ने प्रशासन की तल्ख आलोचना भी करते हुए कहा कि पराली के नाम पर किसानो का भयंकर उत्पीडन व लूट यदि बंद नही कराई गई तो कांग्रेस अब खामोश नही रहेगी। प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि धान की खरीद अठारह सौ से उन्नींस सौ रूपये तब तक क्रय केंन्द्रो पर की जाय जब तक गरीब किसान के पास मुटठी भर धान उपलब्ध है। धान खरीद के समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार को आडे हाथो लेते हुए श्री तिवारी ने कहा कि यूपी का सीमावर्ती छोटा सा राज्य छत्तीसगढ़ की सरकार तो वहां के किसानो को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य पचीस सौ रूपये प्रति क्विंटल दे रही है तो प्रदेश की सरकार किसानो का उनकी उपज का दोगुना मूल्य देने का दम्भ भरने के बावजूद आज यहां के किसानो का पचीस सौ रूपये प्रति क्विंटल खरीद क्यों नही दे रही है। उन्होने योगी सरकार से इस मुददे पर जबाबदेही भी मांगते हुए कहा कि सरकार लव जिहाद पर तो अटकी हुई है और किसान धान का एमएसपी भी नही पा रहा है बल्कि पराली जलाने के नाम पर दोहन का शिकार हो रहा है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से शनिवार को जारी बयान मे सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि बिजली के बकाए के नाम पर भी प्रदेश भर मे भय व आतंक फैलाया जा रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि गांव मे जहां कुछ गरीब लोगों का बिजली का बिल बकाया है, वहां बिना चेतावनी दिये घरो और किसानो के टयूबवेल की बिजली काट दी जा रही है। श्री तिवारी ने यहां तक कहा कि हालात यह है कि कुछ गांवो मे जहां बकायेदार है वहां पूरे के पूरे गांव की बिजली काट दिये जाने की मनमानी रोजमर्रा हो गई है। श्री तिवारी ने सरकार पर तंज कसा कि बकाए के नाम पर शासन ने जिस तरह बिजली कर्मचारियो पर तलवार लटका रखी है उसी के भय के कारण आज बिजली कर्मचारियों ने भी आमआदमी पर दोगुना आतंक फैला रखा है। इधर आउटरीच कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने देश की सीमाओ की रक्षा करने वाले वीर जवानो की पेंशन पर अनावश्यक प्रतिबंध के जरिए जवानो की बडी सुविधा को समाप्त किये जाने को भी जवानो के आर्थिक हितो के विरूद्ध ठहराया है। श्री तिवारी ने भाजपा सरकार पर रक्षाबलों के जवानो की सुविधा कटौती को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा कांग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री के नारे जय जवान जय किसान को तो चुराया करती है किंतु उसका आचरण अब पूरी तरीके से किसानो व जवानो के खिलाफ उजागर हो गया है। श्री तिवारी ने सत्ता के नाम पर केंद्र की मोदी तथा प्रदेश की योगी सरकार को किसान तथा जवान विरोधी सोच से बाहर निकलकर पराली जलाने के नाम पर जारी उत्पीड़न तथा बिजली के बकाये के नाम पर गैर जरूरी बिजली कटौती व सीमा प्रहरियों की राष्ट्रसेवा के अनादर से बाज आने की कडी







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