Breaking News

बिहार मे तेजस्वी के नेतृत्व मे महागठबंधन की सरकार बनना तय - प्रमोद तिवारी Dainik Mail 24

 

कांग्रेस स्टार प्रचारक व सीडब्लूसी सदस्य ने बिहार विधानसभा चुनाव के हवाले से रोजगार पर मोदी सरकार की किया कडी घेराबंदी



प्रतापगढ़, ब्यूरो रिपोर्ट । कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य एवं बिहार विधानसभा चुनाव मे पार्टी स्टार प्रचारक प्रमोद तिवारी ने देश मे बढती बेरोजगारी को लेकर बुधवार को कडी चिंता जताई है। बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान मे शामिल स्टार प्रचारक प्रमोद ने युवाओ को नौकरी देने के मोदी सरकार की घोषणा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि अब तक पूरे देश मे मोदी के वायदे के मुताबिक बारह करोड़ नौकरियों का सृजन होना चाहिये था। बकौल कांग्रेस नेता पर घोषणाओ के बावजूद प्रधानमंत्री रोजगार तथा नौकरियां देने के एजेण्डे पर पूरी तरह विफल साबित हो गये है। श्री तिवारी ने कहा कि चुनाव के इस समय आखिर अब प्रधानमंत्री को बिहार मे कोरोना वैक्सीन तो फ्री देने का जुमला याद आ रहा है किंतु सिर्फ बिहार मे ही एक करोड़ नौकरी देने का उनका वायदा आखिर क्यों फ्लॉप हो गया है। श्री तिवारी ने कहा कि देश का नौजवान प्रधानमंत्री से अब 2014 और 2015 तथा 2019 मे नौकरियों को लेकर किये गये वायदो का बिहार के जरिये हिसाब मांग रहा है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से यहां जारी विज्ञप्ति मे प्रमोद तिवारी ने बिहार मे जारी एक वॉयरल वीडियो के हवाले से यह भी आरोप लगाया कि ऐन केन प्रकारेण चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा बिहार मे स्वयं के साथ ओवैसी का भी प्रोटोकॉल तक देख रही है। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि बिहार के पडोसी राज्य यूपी मे बीजेपी ने राज्यसभा की एक सीट बीएसपी को इसलिए परोक्ष रूप से दे दी क्योंकि मायावती ने खुलकर एमएलसी के चुनाव मे भाजपा उम्मीदवारो के समर्थन की घोषणा की है। प्रमोद तिवारी ने तंज कसा कि मायावती भी ओवैसी के साथ मिलकर बिहार मे भाजपा का कर्ज उतारने का प्रयास कर रही है। सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि राज्यसभा व विधानसभा के सियासी तस्वीर को लेकर दाल मे कुछ काला नही बल्कि बिहार मे तो अब भाजपा की हांडी पर चढ़ी पूरी की पूरी दाल ही काली दिखने लगी है। उन्होने पीएम मोदी पर इस बात के लिए भी कटाक्ष किया कि वह चुनाव के समय बिहार मे घूम घूम कर रोजगार देने की बात कह रहे है किंतु हर साल दो करोड़ नौकरियां देने की उनकी घोषणा तो देश के सभी हिस्सो मे आज खोखली ही साबित हुई है। श्री तिवारी ने कहा कि संसदीय राजनीति मे मौजूदा समय मे पीएम मोदी जिस तरीके की भाषा का बिहार की चंद्रगुप्त मौर्य, आर्यभटट, चाणक्य, सम्राट अशोक, गौतमबुद्ध और भगवान महावीर की धरती पर प्रयोग कर रहे है, उस भाषा का तो अब तक कभी भी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गंाधी से लेकर अटल बिहारी बाजपेयी तक ने कभी नही किया। बिहार कांग्रेस स्टार प्रचारक प्रमोद तिवारी ने कोरोना महामारी के समय भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सोशल डिस्टेंसिग का हवाला देकर बिहार की सीमा को बंद किये जाने को भी बडा मुददा ठहराया। कोरोनाकाल के भी एक बीडियो के हवाले से उन्होनंे दावा किया कि अब तक के दो चरणों के चुनाव मे बिहार की जनता ने कोरोनाकाल मे छात्रों तथा प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार रही। नीतीश सरकार के निष्ठुरता का भी जबाब दे दिया है। उन्होनें कहा कि बिहार के लोगों को संकट के समय डीएनए पर सवाल खडा करने का भी हिसाब नीतीश और उनके मित्र प्रधानमंत्री से मांगते हुए कहा कि डीएनए की गाली पर भी बिहार की जनता भाजपा-नीतीश गठबंधन को माफ नही करेगी। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने बिहार के अपने चुनावी अभियान के जनता के बीच अनुभव को साझा करते हुए कहा कि दो चरणों मे अब तक के हुए मतदान से यह तय हो गया है कि तीसरे चरण के मतदान के बाद महागठबंधन दो तिहाई बहुमत के साथ तेजस्वी यादव के नेतृत्व मे महागठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। इधर बुधवार को भी नगर स्थित विधायक मोना के कैम्प कार्यालय पर पटना मे एआईसीसी द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर हुई प्रेसवार्ता मे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से प्रमोद तिवारी का लाइव प्रसारण देख स्थानीय कार्यकर्ताओं मे खासा उत्साह व जोश भी उमड़ा दिखा।








No comments