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भगवान की आराधना और कर्म की साधना मे निहित है मानव जीवन का पुण्यफल- दिनेश जी महराज Dainik mail 24

 

भागवत कथा मे राधा-कृष्ण महिमा से जुडी कथा पर भावविभोर हुये श्रद्धालु



प्रतापगढ़। हरनाहर के समीप रामचंद्रपुर मछेहा हरदोपटटी मे हो रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ मे पांचवे दिन शुक्रवार को राधाकृष्ण महिमा से जुडी आध्यात्मिक कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथाव्यास पं. दिनेश शुक्ल गुरूजी महराज ने कहा कि भगवान की आराधना और धर्म तथा कर्म के प्रति सच्ची साधना मे ही मानव जीवन का समस्त पुण्य निहित हुआ करता है। उन्होने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने लीलावतार मे मानव जीवन को सदैव नीति पथ पर अग्रसर बनें रहने की प्रेरणा दिया करते है। दिनेश जी महराज ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अनीति के खिलाफ स्वजनों को भी इसलिए दण्ड मिलने से कोई बचाव नही किया कि संसार मे कभी भी अधर्म फलीभूत न हो सके। उन्होने बताया कि श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण जीवन के समस्त बाधाओं व दुखों को हर लिया करती है। दिनेश शुक्ल जी महराज ने कहा कि भगवान कृष्ण के नाम और उनके संकीर्तन मे रमने वाले प्राणी का हर लोक सुमंगल हुआ करता है। उन्होनें कहा कि भगवान का भजन संकीर्तन ही समस्त लौकिक सुख है। कथा के दौरान महिला श्रद्धालुओं के भजन व संकीर्तन से भी पाण्डाल मे आध्यात्मिक आस्था का भावपूर्ण माहौल दिखा। कथा के संयोजक पं. गिरधारी लाल शुक्ल एवं गायत्री शुक्ला ने प्रारम्भ मे गुरू महराज दिनेश जी का श्रद्धालुओं की ओर से अभिषेक किया। सह संयोजक बृजेन्द्र कुमार शुक्ल मुन्ना तथा लालजी शुक्ल ने कथाश्रवण मे आये श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर डा. आशीष शुक्ल, उपेश शुक्ल, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, राजेन्द्र शुक्ल, सोनू मिश्र, विनय पाण्डेय आदि रहे।







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