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हरियाणा के मंत्री का कोरोना पाजिटिव होना सरकार की वैक्सीन नीति पर खड़ा हुआ विश्वास का संकट - प्रमोद तिवारी Dainik Mail 24

 

-सीडब्लूसी मेंबर ने मोदी सरकार पर किसानों के हौसले तोड़ने के लिए वार्ता की अवधि बढ़ाए जाने पर भी किया तगड़ा प्रहार 


लालगंज प्रतापगढ़। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं यूपी आउटरीच तथा कोआर्डिनेशन कमेटी के इंचार्ज प्रमोद तिवारी ने हरियाणा प्रदेश सरकार के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के वैक्सीन लगवाए जाने के बावजूद कोरोना पाजिटिव होने को चिन्ता जनक ठहराते हुए कहा कि इससे वैक्सीन की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उन्होने कहा कि मंत्री अनिल विज ने सार्वजनिक रूप से फोटो सेशन की लालच में अपने ही मुख्यमंत्री को कमतर दिखाने के लिए कोरोना की वैक्सीन लगवाई और महज चैदह दिनों के भीतर वह कोरोना पाजिटिव हो गए। मंत्री के फोटो सेशन के वैक्सीन चाहत ने न केवल इस वैक्सीन की विश्वसनीयता पर गम्भीर सवाल खड़ा कर दिया है बल्कि यह भाजपा की अंदरूनी राजनीति के चलते एक दूसरे को नीचा दिखाने के चक्कर में लोगों के विश्वास को तोड़ दिया है। रविवार को क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के नगर स्थित कैंप कार्यालय पर मीडिया से वार्ता करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि कोरोना से जारी लड़ाई के इस महाअभियान में वैक्सीन को लेकर जिस तरह की अनिल विज ने यह परिस्थिति पैदा कर दी है उससे लाखों भारतीयों के मन में उत्पन्न संशय से देश को अपूर्णनीय क्षति भी हुई है। उन्होने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर हरियाणा सरकार के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इसलिए कार्रवाई करे क्योंकि जो फोटोसेशन उन्होने किया उससे आम आदमी को यह आघात पहुंचा है कि जब किसी प्रदेश सरकार का गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री तक सुरक्षित नही है तो अब आम आदमी कैसे वैक्सीन के जरिए सुरक्षा पर विश्वास करे। सीडब्लूसी मेंबर श्री तिवारी ने यहां तक कहा कि वह मंत्री अनिल विज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए यह भी मांग करते हैं कि मंत्री जी ने जिस तरीके से वैक्सीन जैसी दिखने वाली लिक्विड ‘‘प्लैसिबो‘‘ लगवाई और नाटक मंचन के तहत उंगली के एक बूंद खून से शहीद होने की कोशिश की, इसे देखते हुए या तो वह स्वयं मंत्रिमंडल से नैतिक जिम्मेदारी लेकर त्यागपत्र दें अथवा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उन्हे बर्खास्त करे। प्रमोद तिवारी ने हरियाणा सरकार के मंत्री के वैक्सीन प्रयोग में कोरोना पाजिटिव होने पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इससे एक और बड़ा सवाल अब सामने आया है कि क्या कोरोना वैक्सीन को लगाए जाने को लेकर भारत सरकार की नीति सुरक्षित नही है। इधर वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में प्रामेद तिवारी ने देश में किसान आन्दोलन को लेकर भी मोदी सरकार के अनिर्णय को पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना करार दिया है। श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली में कड़ाके की ठंड में किसान सड़कों पर खुलेआम पड़े हैं और मोदी सरकार क्रूरता और बर्बता का सिलसिला जारी रखते हुए वार्ता का समय चार दिन के लिए और बढ़ा दिया। उन्होने कहा कि समयावधि बढ़ाए जाने के पीछे भी सरकार की मंशा दूषित है ताकि किसानों का हौसला टूट जाए और किसी तरह सरकार की हठधर्मिता की झूठी साख पर आंच न आ सके। उन्होने कहा कि जब तक सरकार यह सुनिश्चित नही करती कि न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी से कम पर फसल खरीद कानूनी अपराध नही घोषित होगा तब तक किसानों को उसका कोई लाभ नही मिल सकता। श्री तिवारी ने कहा कि सरकार अब जब यह खुद मानने लगी है कि मौजूदा कृषि कानून में खामियां हैं और वह आधा दर्जन बिन्दुओं पर संशोधन को तैयार है तो इसे किसानों के लिए काला कृषि कानून साबित होने के बावजूद वापस लेने में आखिर कौन सी जिद आडे आ रही है। प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई में पूरी तरह साथ है और मोदी सरकार की इस तानासाही का विरोध जारी रखेगी। जिसके जरिए वह पूरी तरह फेल कृषि विधेयक देश पर थोपना चाहती है। उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बहूमत के अहंकार में इस कदर डूबी है  िकवह किसानों तक के हित के खिलाफ कानून लाने में आज विपक्ष को भी विश्वास में नही ले रही है। वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, प्रमुख ददन सिंह, आशीष उपाध्याय, रवींद्र गुप्ता आदि रहे। इसके पूर्व प्रमोद तिवारी ने क्षेत्र के ननौती, मंगापुर, अठेहा, सांगीपुर, बाबा घुइसरनाथ धाम, लालगंज तथा पुरवारा में लोगों से मिलकर उन्हे कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूक भी किया।








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