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तीन मासूम बच्चों की बर्बर हत्या प्रदेश की दिलदहला देने वाली स्तब्धकारी घटना- प्रमोद तिवारी Dainik Mail 24


सीडब्लूसी मेंबर ने किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारण्टी के मुददे पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना


लालगंज, प्रतापगढ़। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य एवं यूपी आउटरीच कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने मिर्जापुर मे तीन मासूम बच्चों की बर्बर हत्या को यूपी की दिल दहला देने वाली खौफनाक घटना करार दिया है। श्री तिवारी ने कहा कि मासूम बच्चो की भयावह तरीके से आंख निकालकर गला दबाकर की गई हत्या से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश मे अब कानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज नही रह गयी है। श्री तिवारी ने कहा कि मात्र बारह से तेरह वर्ष की आयु के मासूम बच्चों की जघन्य हत्या की इस स्तब्धकारी घटना से यह भी साबित हो गया है कि प्रदेश मे अपराधियो के मन मे पुलिस का कोई भय नही रह गया है। उन्होने प्रदेश सरकार से कहा है कि इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वह जबाबदेही के साथ दोषी अपराधियो को कानून के मुताबिक कठोरतम दण्ड सुनिश्चित कराये। वहीं मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी ने किसानो के साथ सरकार की बैठक के बेनतीजा होने को लेकर कहा कि इस सरकार के किसानो के हित को लेकर न तो नीति सही है और न नीयत। उन्होने कहा कि आखिर फसल की उपज को लेकर किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारण्टी चाहता है तो इसमे मोदी सरकार को क्या दिक्कत हो रही है। प्रमोद तिवारी ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर पर भी तंज कसा कि उनकी डोर प्रधानमंत्री कार्यालय तक ही है। उन्होने कहा कि किसान की गाढ़ी कमाई से करोडो के कारोबार को कुछ चुनिंदा पूंजीपतियो के हवाले करने के षडयंत्र को कृषि मंत्री नही प्रधानमंत्री ही रोक सकते है। सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने सरकार से कहा है कि वह अन्नदाता को उसका हक देने के लिए जिद छोडे और कृषि वैज्ञानिको के साथ परामर्श कर किसान हितैषी नया कृषि विधेयक लाये। श्री तिवारी के मुताबिक जब तक सरकार किसान विरोधी मौजूदा काले कानूनो को वापस नही लेती, तब तक देश के किसान को खून व पसीने की कमाई से फसल की सुरक्षा का विश्वास बहाल नही हो सकता।







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