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कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ Dainik Mail 24

 


प्रतापगढ़ l श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर बाबा घुश्मेश्वर नाथ धाम की पावन धरा से पधारे परम पूज्य गुरु पं. रामसुमेर मिश्र शास्त्री जी के सानिध्य में श्री शेषधर मिश्र अनुरागी जी महाराज जी ने नींवी खुर्द गारापुर में छ: दिसंबर से चल रही कथा में ज्ञान-भक्ति की दिव्य कथा के उपरांत में उन्होंने बताया कि गोकर्ण जैसे भाई हो तो धुँधकारी जैसे महापापियों का भी उद्धार करती है। महराज जी ने बताया कि ये दुर्लभ मनुष्य जन्म मिला है !इसको ऐसे व्यर्थ में न गुजारे भगवन नाम संकीर्तन में लगाये। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए चल रही थीं। कलश यात्रा में कथा वाचक पं. शेषधर मिश्र अनुरागी जी महाराज भी थे।कथा में रविवार को श्री पं. शेषधर मिश्र अनुरागी ने भक्तों को भागवत कथा का महत्व बताया। साथ ही भक्ति नारद संवाद का वर्णन किया। उन्होंने भक्तों को ज्ञान और वैराग्य की कथा सुनाई। श्री शेषधर महाराज ने कहा कि मनुष्य निजी स्वार्थ के कारण ही भक्ति और ज्ञान से दूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों और गुरु के साथ रहने से मनुष्य को ज्ञान मिलता है और मनुष्य भक्ति के मार्ग पर चलकर मोक्ष के मार्ग पर बढ़ता है। उन्होंने भक्तों से कहा कि लोग समय का बहाना बनाकर भक्ति से दूर होते जा रहे हैं। हमें प्रभु की आराधना के लिए भी समय प्रतिदिन निकालना चाहिए। यदि हम घर में बुजुर्गों का आदर और स्त्रियों का सम्मान करेंगे तो घर में कभी विवाद नहीं होंगे और परिवार आदर्श कहलाएगा। इसके लिए जरूरी है कि हम बच्चों को बचपन से ही धर्म और संस्कारों की शिक्षा दें। कथा के अंत में मुख्य यजमान -लक्ष्मीकांत तिवारी व कुशलता देवी व नीरज तिवारी ने भागवत कथा की आरती उतारी। उपरोक्त शुभ कार्य पर यज्ञाचार्य -अमित कृष्ण शास्त्री, कमल मिश्र जी सहित क्षेत्र के सैकड़ो श्रोताओं की भीड़ उमड़ी रही l








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