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अमेठी: आईजीआरएस मे शिकायतो के निस्तारण पर RTI कार्यकर्ता ने उठाए सवाल ? Dainik Mail 24

 

रिपोर्टर - वेद प्रकाश ओझा

 


अमेठी: जिले को आई जी आर एस के तहत शिकायतो के निस्तारण में प्रथम स्थान मिलने पर आरटीआई एक्टिविस्ट यादवेंद्र श्रीवास्तव ने  सवाल उठाया है


कहा है कि  जनपद को लगातार आइजीआरएस पर प्रथम स्थान मिलने पर मै सवाल खड़े करता हूँ और यह सवाल किसी अन्य व्यक्ति के नहीं यह स्वयं के हैं जो इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है जो कई बार इंसाफ के लिए आई जी आर एस पर शिकायत पत्र दिया पर फर्जी तरीके से निस्तारण कर दिया जाता है।


RTI कार्यकर्ता यादवेंद्र श्रीवास्तव ने अपना दुख व्यक्त किया है और जिला अधिकारी अमेठी से ट्विटर पर सवाल करके आईजीआरएस मे होने वाले फर्जी निस्तारण की ओर ध्यान देने का अनुरोध किया है।


बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता यादवेंद्र श्रीवास्तव की खाते की जमीन पर पिछले 10 वर्षों से थाना जामो द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण कार्य कर लिया गया है जिससे कि उनकी जमीन का रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो गया है जिसके लिए वह लगातार जिला अधिकारी अमेठी और पुलिस अधीक्षक अमेठी से मिलते चले आ रहे हैं डीएम अमेठी जब इस मामले की जांच कराते हैं तो आख्या लगाई जाती है कि थाने द्वारा अवैध कब्जा किया गया है और मुआवजा के लिए प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेज दिया गया है और जब पुलिस अधीक्षक से मिलते हैं तो आख्या लगाई जाती है की यह राजस्व का मामला है इसका पुलिस विभाग से कोई लेना-देना नहीं है।


यादवेंद्र ने बताया कि जबकि लगभग 2 वर्षों पूर्व निवर्तमान पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने मौके पर जाकर भौतिक परीक्षण किया तो पाया कि जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है और आश्वासन दिया कि आपको इसका मुआवजा मिल जाएगा लेकिन लगातार आइजीआरएस के माध्यम से तथा व्यक्तिगत रूप से भी मिलकर कई बार जिला अधिकारी अमेठी और पुलिस अधीक्षक अमेठी से निवेदन करने पर भी ना आज तक मुआवजा मिला और ना जमीन ही खाली करवाई गई  मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के पत्र पर भी फर्जी रिपोर्ट लगाकर प्रेषित कर दिया गया।








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