Breaking News

भारत की न्याय व्यवस्था मे निहित है सर्वश्रेष्ठता- रामसेवक

 

अधिवक्ता सम्मान समारोह मे न्यायिक प्रणाली की उपलब्धियों का हुआ बखान



लालगंज, प्रतापगढ़। तहसील सभागार मे शनिवार को संयुक्त अधिवक्ता संघ की ओर से अधिवक्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्यअतिथि अवध बार एसोशिएसन के पूर्व महामंत्री रामसेवक त्रिपाठी ने स्वस्ति वाचन व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। प्रारम्भ मे संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान मे ही सभ्य समाज और विकसित राष्ट्र को मजबूत बनाये रखा जा सकता है। मुख्य अतिथि रामसेवक त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय विधि व्यवस्था मे अंतिम पंक्ति मे खड़े व्यक्ति को भी न्याय की सर्वश्रेष्ठता उपलब्ध है। उन्होने कहा कि संविधान मे लोगों को जिस तरह से हर क्षेत्र मे विकास की गारण्टी दी गई है, उसके आधार पर भारत की न्याय व्यवस्था दुनिया के पटल पर नजीर के रूप मे स्वीकार की जा रही है। 



श्री त्रिपाठी ने भारत के सुरक्षा परिषद मे अस्थाई सदस्यता को भी इक्कीसवीं सदी का एक सफलतम अध्याय ठहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव व संचालन पूर्व अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने किया। सह संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश सिंह ने संगोष्ठी के ध्येय तथा उपाध्यक्ष विनय शुक्ल ने आभार जताया। संघ की ओर से कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं को विधि के क्षेत्र मे योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इनमे पूर्व अध्यक्ष राममोहन सिंह, केवी सिंह, राजेन्द्र मिश्र, जयकरन सिंह, रामअंजोर तिवारी, बाबूलाल वर्मा, सत्येंद्र श्रीवास्तव, अनूप पाण्डेय, राकेश शुक्ला, शिव नारायण शुक्ल, दिनेश मिश्र, हेमंत पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, जान्हवी प्रसाद सिंह, देशराज यादव, गयाप्रसाद मिश्र, ईश्वरचंद्र दुबे, राघवेंद्र प्रताप सिंह, मुरलीधर ओझा, उदयनाथ तिवारी, हरिशंकर द्विवेदी, कृष्णानंद तिवारी, राहुल मिश्र, शैलेंद्र शुक्ल, महताब खां आदि रहे। समारोह को पूर्व अध्यक्ष विकास मिश्र, राधारमण शुक्ल, बेनीलाल शुक्ल, कालिका प्रसाद पाण्डेय, रामलगन यादव, ने भी संबोधित करते हुए विधिक क्षेत्र मे वर्तमान चुनौती पर अपने विचार रखे।








No comments