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वैक्सीन महाभियान को इवेंट बनाने से बचें मोदी, राष्ट्रीय अभियान का बनाये रखा जाए स्वरूप* : *प्रमोद तिवारी Dainik mail 24

 


लालगंज प्रतापगढ़, 

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण कार्यक्रम को विशुद्ध राष्ट्रीय अभियान के रूप में संचालित किए जाने पर जोर दिया है। प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वह वैज्ञानिकों की मेहनत से लाये गए टीकों के लिए खुद का इवेंट बनाने से बचें ताकि देश इस महाभियान को लेकर वैज्ञानिक अथवा चिकित्सकीय अभियान की मजबूती हासिल कर सके। रविवार को जारी बयान में कोविड टीकाकरण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री तथा सोवियत रूस के राष्ट्राध्यक्ष पुतिन सहित दुनिया के लगभग नेताओं सार्वजनिक रूप से टीका लगवाये जाने को  लेकर सवाल उठाया कि देश के जिम्मेदार नेता लोग एक तरफ तो वैक्सीन की प्रशंसा कर रहे हैं दूसरी तरफ सार्वजनिक रूप से टीका क्यों नहीं लगवा रहे हैं, श्री तिवारी ने कहा कि जिम्मेदार नेताओं को भी दुनिया के अन्य नेताओं का अनुसरण करते हुए जनता की विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए वैक्सीन लगवाना चाहिए, श्री तिवारी ने कोरोना महामारी को लेकर केन्द्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि पहले ही यह सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनियों के बावजूद समय रहते अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकी और देश पर अव्यवहारिक लॉकडाउन थोपा ऐसे में जबकि कोरोना का प्रधानमंत्री जरूरतमंदों को आर्थिक पैकेज न देकर ब्लंडर भूल कर चुके हैं तो अब उन्हें वैक्सीन को लेकर राजनीतिक इवेंट से हर हाल में बचना चाहिए बकौल श्री तिवारी जी अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन ने सत्ता संभालने के कुछ दिन पहले ही अपने देश को कोरोना के चलते विशेष आर्थिक पैकेज का ऐलान कर मोदी सरकार को भी पैकेज के नाम पर गढ़े  गए कुतर्कों को साफ आइना दिखा दिया है।


हालांकि CWC मेम्बर प्रमोद तिवारी ने देश के आम लोगों से वैक्सीन महाभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए भारतीय वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और कोरोना योद्धाओं के समर्पण को सराहा है। वहीं कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने 52दिनों से दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत किसानों की मांगों को बिना कारण ठुकराये जाने पर चिंता भी जतायी है, श्री तिवारी ने सरकार से जानना चाहा है आखिर ये सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि ये कृषि कानून बनाने से पहले किसान संगठनों से वार्ता न करने की उससे भूल हुई है तो प्रमोद तिवारी ने सवाल दागा कि फिर भी मोदी सरकार न्यूनतम मूल्य समर्थन को कृषि कानून का हिस्सा बनाने को तैयार क्यो नहीं हो रही है।


CWC मेम्बर प्रमोद तिवारी ने किसानों के साथ 9दौर की वार्ता में निष्कर्ष नहीं निकलने पर सरकार के मंत्रियों को किसानों की जगह पूंजीपतियों की नुमाइंदगी किए जाने का आरोप लगाया है, उन्होंने तल्ख अंदाज़ में कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए देश की कृषि और किसानों के हितों को पूंजीपतियों की तिजोरी में गिरवी रख रही है।


CWC मेम्बर प्रमोद तिवारी ने कड़कड़ाती ठंड में किसानों के आंदोलन को खत्म कराए जाने के लिए सरकार से अपनी जिद और हठधर्मिता तथा तानाशाही का रवैया छोड़े जाने को लेकर आगाह भी किया है, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से विज्ञप्ति में प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार से देश हित मे किसानों की मांगों को फौरन स्वीकार कर लें तथा कोरोना वैक्सीन अभियान को राष्ट्रीय अभियान की तरह चेचक, हैजा और पोलियो जैसी महामारी को दूर करने के लिए लायी गई वैक्सीन के विशुद्ध राष्ट्रीय अभियान का अनुसरण करने की भी मांग की है।








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