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विधायक मोना के शिलान्यास के बाद फिर शिलान्यासों की झड़ी से हैरत में ग्रामीण Dainik mail 24

 


लालगंज,प्रतापगढ़: सांगीपुर क्षेत्र के रांकी गांव में क्षेत्रीय विधायक द्वारा पहले से ही स्वीकृत करायी गयी पेयजल टंकी का चार चार बार शिलान्यास होना मंगलवार को गांव से लेकर इलाके भर में चर्चा का माहौल बना दिखी। गांव के अधिकांश लोगों का कहना है कि जब क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने अपने पिछले विधान सभा चुनाव के समय ही लोगों की मांग पर रांकी में पानी की टंकी को प्राथमिकता दिये जाने का एलान कर दिया था और विधायक के प्रयास से पीने के पानी की टंकी मंजूर भी हो गयी तो गवई गांव की राजनीति के लिए क्षेत्रीय संासद को अंधेरे में रखकर दोबारा शिलान्यास कराने का क्या तुक बनता है। रांकी में पेयजल टंकी का शिलान्यास तो क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना तथा पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी की ओर से दहशरें पर पिछले पांच नवम्बर को ही वर्चुअल सभा के जरिये अपने प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी के माध्यम से कर दिया गया था। इसके बाद दो जनवरी को जब भाजपा के कुछ क्षेत्रीय लोगों को तीन जनवरी के विधायक मोना के गांव में कार्यक्रम होने की जानकारी मिली तो रात के अंधेरे में एक पत्थर लगाकर टंकी का शिलान्यास फिर किया गया । हालाकि तीन जनवरी को विधायक मोना प्रमोद तिवारी के साथ रांकी पहुंची और वहां एक बड़ी जनसभा में विकास की तमाम अन्य सौगाते भी सौपी। जबकि खास यह रहा कि विधायक के कार्यक्रम में भी टंकी के शिलान्यास तथा सड़कों के लोकार्पण के पत्थर पर पांच नवम्बर की तारीख अंकित दिखी। अब लोगों की माने तो ग्राम प्रधान का आपराधिक इतिहास है और उदयपुर थाने में मौजूदा प्रधान की हिस्ट्रीशीट भी चल रही है। ऐसे में ज्यादतर लोगों की प्रतिक्रिया यह उभर कर आ रही है कि प्रधान ने सत्ता के संरक्षण को बनाये रखने के लिए सम्भवतः सांसद संगम लाल गुप्ता को भी अंधेरे में रखा और अगले दिन चार जनवरी को उन्हें बुलवाकर विधायक द्वारा जिस टंकी का शिलान्यास किया गया था उसका तीसरी बार शिलान्यास करा दिया। दबी जुबान भाजपाईयों के भी एक खेमे का कहना है कि भाजपा में इस तरह उद्घाटन शिलान्यास की संस्कृति को तवज्जों नही दिया जाता। सरकारी प्रोटोकाॅल भी यही रहा है कि अगर किसी योजना का किसी भी जनप्रतिनिधि ने उद्घाटन या शिलान्यास कर दिया तो दूसरा जनप्रतिनिधि जांनबूझकर ऐसे सियासी लोलुपता से खुद को अलग ही रखा करता है। फिलहाल रांकी गांव में विधायक मोना तथा प्रमोद तिवारी की जनसभा में जिस तरह से भीड़ उमड़ी उसे देख यह आकंलन भी साफ हो गया है कि योजनाओं का सेहरा सियासत से दूर मोना व प्रमोद के माथे ही ग्रामीणों की नजर में बंध सका है।








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