Breaking News

संग्रामगढ़ के रामपुर दाबी गांव में जहरीली शराब पीने से हुई चार मौतों पर कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने गहरा दुख जताया Dainik mail 24

 



संग्रामगढ़ के रामपुर दाबी गांव में जहरीली शराब पीने से हुई चार मौतों पर क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना तथा केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रमोद तिवारी ने गहरा दुख जताया है। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक मोना तथा प्रमोद तिवारी के निर्देश पर प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी गांव पहुंचे और प्रत्येक मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में दस दस हजार रूपये नगद विधायक की ओर से प्रदान किया। वही प्रतिनिधि समेत प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना की गांव पहुंची टीम संग्रामगढ़ सीएचसी से लेकर प्रयागराज मेडिकल कालेज रेफर कराये जा रहे गम्भीर रूप से बीमार की भी मदद में रविवार की देर रात से ही सोमवार को दिनभर मशक्कत करते दिखे। इधर घटना को लेकर केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रमोद तिवारी ने इसे बेहद दुखद तथा दुभाग्यपूर्ण करार दिया है। प्रमोद तिवारी ने जहरीली शराब पीने से हुई गरीब परिवार के सदस्यों की मौत पर सरकार से प्रत्येक मृतक आश्रित को पचास लाख तथा उपचार करा रहे बीमारों के लिए बीस लाख मुआवजें की मांग की है। इधर प्रतापगढ़ जिले में पिछले दो तीन महीनों खासकर इधर एक माह के अंदर पट्टी, जेठवारा, बाघराय, सदर आदि थाना क्षेत्रों में शराब के गोरखधंधे के बढ़ावा देने से लगातार हो रही दुभाग्यपूर्ण घटनाओं को भी चिंताजनक करार दिया है। श्री तिवारी ने इन घटनाओं के पीछे प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सिर्फ प्रतापगढ़ ही नही बल्कि उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, एटा आदि जिलों में भी जहरीली शराब पीने से हुए सामूहिक मौतों के लिए भी प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इन घटनाओं से सूबे की भाजपा सरकार जिम्मेदारी से बच नही सकती।  उन्होने कहा कि इस प्रकार की सामूहिक मौतो के सिलसिले से सबक लेते हुए भाजपा सरकार से कहा है कि वह आने वाले होली तथा पंचायत चुनाव के आगाज को देखते हुए शराब सिन्डीकेट पर संरक्षण और परवरिश पर स्पष्ट पाबंदी लगाये। वही घटना से दुखी क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने प्रदेश के वरिष्ठ अफसरों से वार्ता कर घटना के दोषियों को चिहिन्त कर कार्यवाई तथा मृतकों व बीमारों के परिजनों को हर सम्भव मदद उपलब्ध कराये जाने पर जोर दिया है। 



संग्रामगढ़ के रामपुर दाबी गांव में शराब पीने से हुई मौत को लेकर गरीब परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। सोमवार को गांव की गरीब बस्ती में चीखने चिल्लाने और विलाप को लेकर लोगों का कालेज तक दहल गया। वही गांव में दिन भर सियासी जमावड़ा भी दिखा। हालाकि क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना की ओर से गांव पहुंची टीम तो सुबह से ही मृतक परिवारों के बीच विधायक की ओर से मदद के साथ दुख साझा करती दिखी। प्रतिनिधि भगवाती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल, जिला पंचायत सदस्य पुष्पा देवी तथा आशीष उपाध्याय आदि बीमारों को अस्पताल भेजवाये जाने से लेकर राहत के कई प्रबंधों में जुटे दिखे। वही पुर्वान्ह भाजपा के भी नेताओं का गांव पहुंचना शुरू हुआ। सत्तारूढ़ दल के नेताओं की गाड़ियां देख अचानक गांव के लोग खासकर महिलायें उत्तेजित हो उठी। महिलाओं ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के सामने ही शराब से हुई मौत को लेकर सरकार व प्रशासन को खरी खोटी सुनाना शुरू कर दिया। यही नही भाजपाई कुछ बोलते इसके पहले ही महिलाओं ने सरकार और भाजपा के खिलाफ गुस्से में नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित महिलाये ंतो भाजपा नेताओं की गाड़ियों तक नारे बाजी करती पहुंच गयी। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों व आस-पास के कुछ अन्य लोगों ने आक्रोशित महिलाओं को किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। माहौल देखकर भाजपा कार्यकर्ताओं के समूह को गांव के किनारे एक पेड़ की छाव में कुछ देर तक बने देखा गया। वही गांव में शराब पीने से हुई घटना को लेकर आस-पास के ग्रामीणों का भी जमघट दिखा। गांव के लोगों में आबकारी विभाग के अधिकारियों को लेकर भी आक्रोश दिखा। ग्रामीणों ने डीएम तथा आबकारी आयुक्त के सामने ही कुण्डा आबकारी निरीक्षक शंकर लाल की सह पर  अवैध शराब बिकने के आरोपों की झड़ी लगा दी। आरोपों को देख सुन संयुक्त आबकारी आयुक्त व जिला आबकारी अधिकारी तक की चेहरे पर हवाईयां उड़ती दिखी।








No comments