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सत्याग्रही का मोदी का दावा पीएम पद की गरिमा को विदेश की धरती पर आघात-प्रमोद तिवारी Dainik mail 24

 

सीडब्लूसी मेंबर ने कोरोना की दूसरी भयावह लहर के मददेनजर केन्द्रीय मंत्रि परिषद से संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन पर दिया जोर, सड़कों की सौगात पर रामपुरखास विधायक मोना को सराहा



लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं आउटरीच एण्ड कोआर्डिनेशन कमेटी यूपी प्रभारी प्रमोद तिवारी ने इधर फिर देश भर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर को लेकर कड़ी चिंता जताई है। श्री तिवारी महामारी के बावजूद प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री तथा केन्द्रीय मंत्रि परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रचार-प्रसार में ही मस्त रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना से संघर्ष और इससे देशवासियों को बचाने के लिए मोदी सरकार के पास समय न होना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। रविवार को नगर स्थित कैम्प कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री तथा मंत्रि परिषद के सदस्यांे से महामारी को देखते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन पर जोर दिया है। प्रमोद तिवारी ने होली की पूर्व संध्या पर लोगों को स्वयं तथा क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना की ओर से शुभकामनाएं सौंपते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार होली पर भी देश को मंहगाई की मार से उबार नही सकी। उन्होनें तंज कसा कि होली पर भी कोरोना के चलते स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सजग न होकर पीएम विदेश की धरती तक पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा को आघात पहुंचा रहे है। प्रधानमंत्री के हालिया बांगलादेश दौरे का जिक्र करते हुए प्रमोद तिवारी ने इसे विस्मयकारी ठहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वहां अपने को बांगलादेश के स्वतंत्रता संग्राम का सत्याग्रही बताकर इस बार की होली का भी अर्न्तराष्ट्रीय मजाक बना दिया। 



उन्होनें आश्चर्य जताया कि एक तरफ तो पीएम मोदी उन्नींस सौ तिहत्तर में घर छोड़कर राजनीति मे आये और दूसरी तरफ अब वह वर्ष 1970-1971 में सत्याग्रही होने का विदेश की धरती पर राज खोल रहे हैं। उन्होनें पीएम से सवाल दागा कि आखिर अब तक उन्होनें इस सत्याग्रह का उल्लेख किसी चुनाव के नामांकन अथवा अपनी जीवनी में क्यों नही कर सके। उन्होनें कहा कि यह पीएम का ही सत्याग्रह हो सकता है जिसमें न तो किसी थाने का पता है और न तारीख का, यहां तक कि उस अदालत का भी पता नहीं जहां से ऐसे सत्याग्रही की जमानत हुई होगी। श्री तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी अब तक राष्ट्रीय थे और इस कपोल कल्पित प्रदर्शित घटनाचक्र से अर्न्तराष्ट्रीय हो गये हैं। क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना द्वारा होली की पूर्व संध्या पर रामपुरखास को राज्य सड़क निधि से सोलह नई सड़कें स्वीकृत कराकर सौंपी गई सौगात का जिक्र करते हुए क्षेत्रवासियों की ओर से विधायक मोना का भी धन्यवाद जताया। वहीं उन्होनें रायबरेली-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से रायपुर तियांई-धारूपुर लालगंज मार्ग व रीघी छोटेगंज से लेबुड़ा मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की भी मंजूरी कराए जाने के लिए विधायक मोना के प्रयासों की सराहना की। वहीं श्री तिवारी ने खाद तथा उर्वरक व रसोई गैस तथा पेट्रोलियम पदार्थो के साथ आम जनजीवन से जुड़ी वस्तुओं मे लगातार हो रही मंहगाई को भी चिंताजनक करार दिया है। इधर आसाम एवं पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के प्रथम चरण के दौरे से वापस यहां पहुंचे प्रमोद तिवारी का सांगीपुर, घुइसरनाथ, अमावां, लालगंज तथा रामपुर बावली में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत दिखा। कैम्प कार्यालय पर श्री तिवारी से अधिवक्ताओं के भी एक प्रतिनिधिमण्डल की शिष्टाचार भेंटवार्ता हुई। इस मौके पर प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, संयुक्त अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश तिवारी, उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय, महामंत्री प्रवीण यादव, विकास मिश्र, अनिल त्रिपाठी महेश, देवी प्रसाद मिश्र, सिंटू मिश्र, विनय जायसवाल, प्रमुख ददन सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, सांगीपुर प्रमुख अशोक सिंह बबलू, केडी मिश्र, छोटेलाल सरोज, आशीष उपाध्याय, शैलेन्द्र मिश्र, सुधाकर पाण्डेय, दृगपाल यादव, रामकृपाल पासी, पवन शुक्ल, अवधेश सिंह, दिनेश मिश्र, पप्पू तिवारी, सुधीर तिवारी, श्रीकांत मिश्र, शास्त्री सौरभ, त्रिभु तिवारी, ओम पाण्डेय, मुरलीधर तिवारी, अंशुमान तिवारी, विनय पाण्डेय, शिवकुमार शर्मा आदि रहे।









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