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कवि, कविता, कवि सम्मेलन में स्वर्ग सा एहसास : संजय शुक्ला Dainik mail 24

 

करपात्री जी की जन्मभूमि अपने आप में पवित्र धाम है: शिवमूर्ति शास्त्री



मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य



एमआईडी कोचिंग के वार्षिकोत्सव में कवि सम्मेलन में बही काव्य रसधार



लालगंज प्रतापगढ़। धर्म सम्राट की पदवी से अलंकृत स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मभूमि भटनी में शनिवार की शाम बहुत ही शानदार कवि सम्मेलन एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन एमआईडी ईजुकेशनल प्वाइंट द्वारा किया गया। जिसमें प्रदेश के अनेको साहित्यकारों ने अपनी साहित्यिक लेखनी से लोगों को प्रभावित किया और समाज का पथ प्रदर्शन किया। इस दौरान कोचिंग के छात्र एवं छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जिसमें बच्चों ने डांस स्पीच आदि का प्रदर्शन किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ शिवमूर्ति शास्त्री जी के द्वारा सरस्वती पूजन से आरंभ हुआ, जिसमें समाज सेवी संजय शुक्ला, ग्राम प्रधान अशोक सिंह, बजरंग बहादुर सिंह , धीरेन्द्र मिश्रा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित करते हुए वार्षिकोत्सव का शुभारंभ किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत जनपद के गौरव सुनील प्रभाकर की वाणी बंदना से शुरू हुई। बाराबंकी से आए युवा कवि आनन्द कौशल ने पढ़ा 'निकलो घर से हथियार उठाओ, हथियारों पर धार करो, बनो माँ दुर्गा बनो माँ काली,दुष्टों का संहार करो' बाराबंकी के ही हास्य कवि जमुना प्रसाद अबोध जी ने अपनी हास्य कविताओं से सभी को लोटपोट कर दिया। ओज विधा के ससक्त हस्ताक्षर अंजनी अमोघ ने पढ़ा 'दुश्मन का घमंड तोड़ जायेंगे मरते- मरते, क्रांति की  धारा  जोड़ जायेंगे मरते - मरते' जिसको सुनकर सभी जयघोष करने लगे। प्रतापगढ़ में शायरियो को नई पहचान दिलाने वाले अनूप प्रतापगढी ने पढ़ा 'तू कहती तो फलक से तारा तोड़ आता मैं , बहती इन हवाओं का रूख मोड़ आता मैं' व्यंगकार अनूप त्रिपाठी ने वर्तमान परिदृश्य पर ऐसा व्यंग पढ़ा कि लोग दांतों तले उंगलियां दबा बैठे और वाह वाह कर उठे। वरिष्ठ कवि सुनील प्रभाकर ने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज पर बहुत ही शानदार छंद पढ़ते हुए महाराज जी को नमन किया और बहुत ही शानदार गीत पढे। एकमात्र कवयित्री गीता पाण्डेय, ध्रुव सनकी , विवेक सिंह ने अपनी अपनी शानदार कविता पढ़ा जो की श्रोताओं को बहुत ही पसंद आया। सुल्तानपुर के ओज कवि अभिमन्यु तरंग ने पढ़ा 'जिस घर की नारी सुखी रहे,वो घर खुशियों का सागर है, जहाँ समर्पण समरसता है वो परिवार सुजागर है' अमेठी से पधारे महाविद्यालय में अध्यापक केशरी जी ने महादेवी वर्मा जी पर शानदार वक्तव्य देते हुए शानदार गीत पढ़ा। कार्यक्रम के संयोजक धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के वंशज युवा श्रृंगार कवि सौरभ ओझा ने पढ़ा 'जब से तुम मिले हो हम जैसे गंगा जल हो गए' पर सभी खासे प्रभावित हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लालगंज ब्लाक प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ददन जी ने संबोधित करते हुए कहा कि ' कविता समाज के हर वर्ग के लोगों को जोड़ती है' मिडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने कवि को समाज का दर्पण बताया तो समाज सेवी संजय शुक्ला ने कहा 'कवि, कविता, कवि सम्मेलन में स्वर्ग सा एहसास'। विशिष्ट अतिथि डा मुकेश मिश्रा व समापन अतिथि प्रीतेंद्र ओझा रहे। शिवमूर्ति शास्त्री जी ने कहा ' करपात्री जी की जन्मभूमि अपने आप में पवित्र धाम है'। कार्यक्रम में प्रेम नारायण तिवारी, सुनीत मिश्रा, प्रत्यासी बीडीसी भटनी रवि पाण्डेय, संजय ओझा, शिवकुमार ओझा, सोनू पाण्डेय, अंकित यादव, अनुज जायसवाल , राजू सरोज, राकेश त्रिपाठी, अनूप सिंह विवेक ओझा उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों के अभिभावक व क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ओज कवि अंजनी अमोघ व संयोजन सौरभ ओझा ने किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन प्रधान अशोक सिंह ने किया व शानदार आयोजन कोचिंग के संचालक सचिन शर्मा के द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में समाज के सम्मानित नागरिकों और पुलिसकर्मियों का सम्मान किया गया।









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