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शहीद दिवस पर कवि सम्मेलन में याद किए गए भगत राजगुरु और सुखदेव Dainik mail 24

 


लालगंज प्रतापगढ़। स्वातंत्रता प्राप्ति के लिए हुए आंदोलन में हजारों हजार वीर वीरांगनाओं ने अपने जीवन को मां भारती को समर्पित करते हुए अपने आप को बलिदान दिया था। उनमें से भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को आखिरकार कोई कैसे भूल सकता है। शहीद दिवस पर इन शहीदों को याद करते हुए लालगंज तहसील के रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाक के अंतर्गत बसंतपुर के हिवेन एकडमी में मंगलवार को कवि सम्मेलन एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन विद्यालय के प्रबंधक देवेंद्र मणि त्रिपाठी के द्वारा किया गया। जिसमें संस्थान के बच्चों ने देशभक्ति से भरपूर अपनी प्रतिभाओं का प्रर्दशन किया। इस दौरान आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में भी शहीद दिवस पर अनेकों रचनाएं पढ़ी गई। कवि सम्मेलन की शुरुआत रायबरेली के गीतकार निर्मल श्रीवास्तव की वाणी बंदना से हुई। इस बाद प्रयागराज के कवि अमित आभास ने 'चंद्रशेखर आजाद की गोली का छर्रा हूं' पढ़कर कवि सम्मेलन को शुरू किया। अध्यक्षता कर रहे अनीस देहाती जी ने प्रधानी के चुनाव पर अपनी तरोताजा रचना पढ़कर लोगों को प्रभावित किया, निर्मल श्रीवास्तव ने 'यह थाना व कचहरी क्या दलालों से चलेगा' पढ़ा। साहित्य की पहचान प्रतापगढ़ से उठाकर पूरे प्रांत में अपनी नई पहचान बनाने वाले ओज विधा के हस्ताक्षर अंजनी अमोघ ने पढ़ा 'सिर झुका सकते नही कटा देगे वतन पर, सैकड़ो भगत भारत मे छोड़ जायेंगे मरते-मरते' जनपद के मशहूर शायर अनूप प्रतापगढी की 'तू कहती तो फलक से तारा तोड़ लाता मै, बहती इन हवाओं का रुख मोड़ आता मै' सुनकर सभी वाहवाह कर उठे। सुल्तानपुर से आए ओज कवि अभिमन्यु तंरग ने पढ़ा 'नारी की महिमा है न्यारी,सत कोटि कोटि अभिनंदन है, है प्रेम अलौकिक बलिहारी,तन कुन्दन मन चन्दन है,' धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्रृंगार के युवा गीतकार सौरभ ओझा ने पढ़ा 'तू कहे तो शबनम पुकार सकता हूं, तेरे माथे की जुल्फें सवार सकता हूं' पढ़कर माहौल को प्रेममय कर दिया। गौरीगंज के शायर मकसूद जाफरी ने 'मामला नाजुक हैं बवाल मत करिए' पढ़कर समा बांध दिया, रायबरेली के हास्य कवि दीपेंद्र तनहा ने 'यही बिगड़े माहौल मां भाइया कैसे गुजर करी' पढ़कर श्रोताओं के चेहरे खिला दिए। इस दौरान प्रबंधक देवेन्द्र त्रिपाठी प्रधानाचार्या एवं संयोजिका प्रतिभा त्रिपाठी, ब्लाक प्रमुख बीन सिंह,  रामकिशोर पाण्डेय, शोभनाथ शुक्ला, डीडीसी सम्भावित प्रत्यासी धीरेन्द्र मिश्रा, वीरेंद्र पाण्डेय, रमेश नारायण त्रिपाठी, राजकुमार शुक्ल , रमाकांत तिवारी समेत पूरा विद्यालय परिवार और अभिवावक उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन का शानदार सफल संचालन अंजनी अमोघ ने किया। इस दौरान कवियों, समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों एवं शिक्षकों का सम्मान किया गया।








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