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घुइसरनाथ धाम एकता महोत्सव के आधार स्तंभ थे डॉ० योगेंद्र प्रताप - प्रमोद तिवारी Dainik mail 24

 



लालगंज प्रतापगढ़ । केंद्रीय काँग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य तथा आउटरीच एंड को - आर्डिनेशन कमेटी , उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्री प्रमोद तिवारी एवं श्रीमती आराधना मिश्रा मोना , नेता- काँग्रेस विधानमंडल दल , उत्तर प्रदेश ने कहा है कि संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ० योगेंद्र प्रताप सिंह जी का वैश्विक महामारी कोरोना से असामायिक निधन होने के समाचार से हम स्तब्ध एवं दुःखी है । आज से 26 वर्ष पहले जब मैंने राष्ट्रीय एकता महोत्सव , घुइसरनाथ धाम, प्रतापगढ़ की स्थापना की थी , तब से आज तक डॉ० सिंह उससे जुड़े थे और राष्ट्रीय एकता महोत्सव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सांस्कृतिक कार्य विभाग से हर सम्भव मदद कराते थे तथा स्वयं भी कार्यक्रम में आते थे । डॉ० योगेंद्र प्रताप सिंह जी , राष्ट्रीय एकता महोत्सव घुइसरनाथ धाम के आधार स्तंभ थे , उनके चले जाने से हमें गहरा दुःख हुआ है ।

             डॉ० योगेंद्र प्रताप सिंह जी, अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक थे और जनजाति, लोक कला, संस्कृति संस्थान एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक थे । डॉ० सिंह - एक अनुभवी , योग्य तथा कर्तव्य परायण अधिकारी थे जिन्होंने आजीवन अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए एक उच्च आदर्श प्रस्तुत किया था ।

             नेताद्वय ने कहा है कि डॉ० योगेंद्र प्रताप सिंह जी का हमारा पारिवारिक संबंध था, वे हमारे पैतृक निवास संग्रामगढ़ के समीप ग्राम विजईमऊ जनपद प्रतापगढ़ के निवासी थे । डॉ० सिंह एक मृदुभाषी, व्यवहार कुशल तथा सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे, उनका मिलनसार व्यक्तित्व ही उनकी पहचान थी । उनके निधन से संस्कृति विभाग की जहाँ अपूर्णनीय क्षति हुई है, वहीं हमारी व्यक्तिगत क्षति हुई है।

                हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते है कि उनकी आत्मा को चिर शांति प्रदान करें तथा उनके परिवार को इस दारुण दुःख को सहन करने की शक्ति दे ।








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